नगर निगम गोलमाल पार्ट 2::जेई के खिलाफ जांच पहुंची नगर निगम-एक पार्षद लिखित में पत्र देने के बाद फिर मुकरे-एक पार्षद पति बोले जेई ने मुझसे भी मांगा था शिकायती पत्र……

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दैनिक रुड़की (दीपक अरोड़ा)::

रुड़की। नगर निगम में इन दिनों सब कुछ ठीकठाक नही है। पार्षदों द्वारा एसएनए और लिपिक की शिकायत का मामला प्रकाश में आने के बाद मची हलचल थमने का नाम नही ले रही है। पार्षद ठीकरा जेई के सर पर फोड़ कर मामले से पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं। वहीँ मामले में षड्यंत्रकारी बताये जा रहे जेई के खिलाफ जांच नगर आयुक्त के पास पहुंची है। जेई अपने आपको निर्दोष बताते नजर आ रहे हैं।

रुड़की नगर निगम में तीन पार्षदों के मोहर लगे और हस्ताक्षर किया गया एक पत्र सचिव को भेजा गया था जिसमें एसएनए और लिपिक पर निगम के लिए क्रय किये गए सामानों में अनियमितता बरतने का आरोप था। इसके बाद तीनों पार्षदों ने सचिव को पत्र लिखकर किसी प्रकार की शिकायत न करने की बात कही थी। पार्षद धीरज पाल ने तो जेई नरेश कुमार पर धोखे से शिकायती पत्र पर साइन और मोहर लगवाने का आरोप लगाया था। अब मामले को लेकर जांच मुख्य नगर आयुक्त नूपुर वर्मा के पास आई है उन्होंने बताया कि जेई नरेश कुमार की जांच आयी है। जिसमें उन पर पार्षदों को धोखे में रखकर एक शिकायती पत्र शासन को भेजे जाने का आरोप है मामले में निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अन्य किसी शिकायत के सम्बंध में कोई जांच नही आई है। वहीं इस सम्बन्ध में जेई नरेश कुमार का कहना है पार्षदों ने शिकायत अपने स्तर से की है मेरा नाम गलत लिया जा रहा है इस बारे में पार्षद ही स्प्ष्ट बता पाएंगे।

आज क्या बोले पार्षद…

आज दैनिक रुड़की ने तीनों से बात की तो तीनों पार्षद उलझे नजर आ रहे हैं।पार्षद पति सुबोध चौधरी व पार्षद अंकित चौधरी का कहना है कि हमने अपने मन से शिकायत की थी और अपने मन से ही शिकायत वापस ले ली। हमने मामले की तफ्तीश की तो अधिकारी सही मिले फिर शिकायत वापस ले ली। धीरज पाल जिन्होंने कि अपने पत्र पर स्प्ष्ट तौर पर लिखा था कि उनसे धोखे से जेई नरेश कुमार ने साइन और मोहर लगवाकर अधिकारियों के खिलाफ शिकायत करवाई थी वह भी आज कहते नजर आ रहे हैं कि अपनी मर्जी से शिकायत की थी। अब पार्षद धीरज पाल राजनीति में नए तो हैं नही कि पहले जेई उनसे धोखे मे साइन करवा लेता है और फिर बाद में गलती से वह उसी जेई पर षड्यंत्र रचने का आरोप लगाकर शिकायत सचिव को भेजते है। यह पार्षद पहले सही थे या अब यह तो उन्हें ही मालूम होगा। लेकिन एक जनप्रतिनिधि बार बार बड़ी गलती करे तो ऐसी जनता का भला क्या होगा जिसका वह प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

पार्षद पति बोले मुझसे भी मांगी गई थी शिकायत…

नगर निगम में भाजपा से एक महिला पार्षद के पति संजीव तोमर ने दैनिक रुड़की से बातचीत के दौरान कहा कि जेई नरेश कुमार ने उनसे भी शिकायती पत्र पर मोहर और साइन करने की बात कही थी लेकिन उन्होंने मना कर दिया था। वहीं बताया जा रहा कि कई अन्य पार्षदों भी शिकायती पत्र पर साइन करने की बात कही गयी थी।

एसएनए और लिपिक की जांच कहाँ गयी…

मुख्य नगर आयुक्त नूपुर वर्मा का कहना है कि उनके पास केवल जेई की जांच आई है। जबकि सूत्रों की माने तो जांच एसएनए चन्द्रकान्त भट्ट और लिपिक राजीव भटनागर के खिलाफ की गई शिकायत पर भी शहरी विकास मंत्री ने सचिव को सौंपी है और इस जांच की चर्चा आज पूरे शहर में सुर्खियां बनी रहीं।

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