दैनिक रुड़की (राहुल सक्सेना):::
रुड़की। आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड के निर्देशों पर मिलावटखोरों के विरुद्ध अभियान तेज कर दिया गया है। इसी क्रम में शुक्रवार को सिंचाई विभाग कॉलोनी में 'सचल खाद्य विश्लेषणशाला के माध्यम से एक दिवसीय खाद्य परीक्षण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

शिविर के दौरान जागरूक उपभोक्ताओं द्वारा कुल 56 विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने जांच हेतु लाए गए। मौके पर ही किए गए परीक्षण में 07 नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे, जो स्वास्थ्य के लिहाज से चिंताजनक हैं। फेल हुए नमूनों में
दूध: 03 नमूने (मानक अनुसार नहीं)
मिर्च पाउडर: 01 नमूना
धनिया पाउडर: 01 नमूना
सरसों का तेल: 01 नमूना
ग्रीन चिली सॉस: 01 नमूना
उपभोक्ताओं को किया गया जागरूक
विभागीय टीम द्वारा लगभग 100 उपभोक्ताओं को खाद्य पदार्थों में होने वाली मिलावट की पहचान करने के सरल तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि खान-पान में शुद्धता सुनिश्चित करना न केवल विभाग की जिम्मेदारी है, बल्कि उपभोक्ताओं की जागरूकता भी इसमें अहम भूमिका निभाती है।

खाद्य पदार्थों में मिलावट स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। विभाग भविष्य में भी इसी तरह के औचक निरीक्षण और परीक्षण शिविर जारी रखेगा ताकि आम जनता को शुद्ध खाद्य सामग्री मिल सके।
इस अभियान को सफल बनाने में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम में वीरेंद्र सिंह बिष्ट (उपायुक्त, लैब), योगेंद्र पांडेय (वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी, रुड़की, पवन कुमार (खाद्य सुरक्षा अधिकारी, भगवानपुर, रमेश जोशी (कनिष्ठ विश्लेषक, खाद्य) आदि शामिल रहे।

