दैनिक रुड़की (योगराज पाल)::
रुड़की। गंग नहर में हाल ही में हुई दर्दनाक डूबने की घटना के बाद उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने बड़ा निर्णय लेते हुए रुड़की स्थित वाल्मीकि घाट को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है। विभाग की ओर से घाट के चारों तरफ दीवार खड़ी कर आमजन की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जब तक घाट पर सुरक्षा मानकों के अनुरूप पुख्ता इंतजाम—जैसे मजबूत लोहे की जंजीरें, स्थायी अवरोधक, चेतावनी पट्टिकाएं, रेलिंग और अन्य आवश्यक सुरक्षा प्रबंध—नहीं कर दिए जाते, तब तक घाट बंद ही रहेगा। अधिकारियों के अनुसार गर्मियों में नहर का जलस्तर और प्रवाह बढ़ने से जोखिम और अधिक हो जाता है, इसलिए एहतियातन यह कदम उठाया गया है।
गौरतलब है कि वाल्मीकि घाट पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग घूमने और बैठने के लिए पहुंचते हैं। शाम और रात्रि के समय यहां भीड़ और बढ़ जाती है। तेज जल प्रवाह के बीच सुरक्षा व्यवस्था की कमी को गंभीर खतरे के रूप में देखा जा रहा था।
वाल्मीकि समाज में आक्रोश
घाट का रास्ता बंद किए जाने से वाल्मीकि समाज के लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि यह घाट केवल एक सार्वजनिक स्थल ही नहीं, बल्कि उनकी आस्था और सामाजिक पहचान से जुड़ा स्थान है।
उनका आरोप है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था और संवाद के सीधे रास्ता बंद कर देना उचित नहीं है।स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि घाट को पूरी तरह बंद रखने के बजाय सुरक्षा इंतजाम शीघ्र पूर्ण कर नियंत्रित रूप से खोला जाए। साथ ही, केवल एक घाट ही नहीं बल्कि गंग नहर के अन्य संवेदनशील स्थलों पर भी व्यापक सुरक्षा समीक्षा कर प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि स्थायी और मजबूत सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित होने के बाद ही घाट को दोबारा आमजन के लिए खोला जाएगा।
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