दैनिक रुड़की (रियाज कुरैशी)::
रुड़की। मुकद्दस पाक महीने माहे रमज़ान की आमद के साथ ही शहर की मुस्लिम बस्तियां और कॉलोनियां रौशनी से जगमगा उठीं। चांद दिखाई देने के साथ ही रमज़ान का आगाज़ हो जाएगा और बाद नमाज़-ए-इशा मस्जिदों में तरावीह की विशेष नमाज़ अदा की जाएगी। एक महीने तक रोज़ा, नमाज़ और इबादत का सिलसिला जारी रहेगा।
रमज़ान को रहमत, बरकत और मग़फ़िरत का महीना माना जाता है। इस दौरान मुस्लिम समाज के लोग रोज़ा रखकर अल्लाह की इबादत में जुटते हैं और अपने गुनाहों की तौबा करते हैं। मान्यता है कि इस पवित्र महीने में शैतान को क़ैद कर दिया जाता है और नेकी का सवाब कई गुना बढ़ा दिया जाता है।
शहर और आसपास के देहात क्षेत्रों की मस्जिदों में विशेष तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। साफ-सफाई, रोशनी और इबादत के इंतज़ामों को अंतिम रूप दे दिया गया है। वहीं बाजारों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। दुकानों पर फेनी, ब्रेड, पापे और दिल्ली की मशहूर फेनियों की खरीदारी तेज हो गई है। रोज़ेदार सहरी के समय इन खाद्य पदार्थों का सेवन कर रोज़े की नियत करते हैं।
मुस्लिम बहुल इलाकों में शाम के समय बाजारों में रौनक बढ़ गई है। कपड़ों, इत्र, टोपी और खजूर की दुकानों पर भी भीड़ देखी जा रही है। बच्चे और युवा रमज़ान को लेकर खासे उत्साहित नजर आ रहे हैं।
दैनिक रुड़की टीम की ओर से सभी शहरवासियों को माहे रमज़ान की दिली मुबारकबाद। यह पवित्र महीना सभी के लिए अमन, भाईचारे और खुशहाली का पैगाम लेकर आए
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