
दैनिक रुड़की (योगराज पाल)::
रुड़की। क्वांटम विश्वविद्यालय में एक प्रेरणादायक और अनूठी कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें भारत के प्रसिद्ध बैलेंसिंग आर्टिस्ट और हाल ही में विश्व रिकॉर्ड धारक गौतम वैष्णव ने छात्रों के साथ अपने अनुभव साझा किए। यह कार्यशाला विशेष रूप से एमबीए प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए आयोजित की गई थी।

कार्यशाला के दौरान छात्रों ने पत्थरों को बेहद छोटे बिंदु पर संतुलित करने की कला को करीब से समझा और स्वयं इसका अभ्यास भी किया। गौतम वैष्णव ने संतुलन की इस कला के पीछे के वैज्ञानिक सिद्धांत को समझाते हुए बताया कि किसी भी वस्तु को संतुलित करने के लिए कम से कम तीन बिंदुओं का संपर्क आवश्यक होता है।

सत्र के दौरान उन्होंने यह भी बताया कि संतुलन की यह कला केवल तकनीक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण सीख भी देती है। उन्होंने धैर्य, एकाग्रता, सटीकता और निरंतर प्रयास के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ये गुण न केवल वस्तुओं को संतुलित करने में सहायक हैं, बल्कि जीवन और करियर में संतुलन बनाए रखने के लिए भी अत्यंत आवश्यक हैं।


यह कार्यशाला विद्यार्थियों के लिए अत्यंत रोचक और प्रेरणादायक साबित हुई। छात्रों ने सक्रिय रूप से भाग लेते हुए संतुलन की कला को अनुभव किया और इसके माध्यम से ध्यान, रचनात्मकता तथा समस्या समाधान की नई समझ विकसित की।यह कार्यक्रम क्वांटम विश्वविद्यालय की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक और प्रेरणादायक अनुभव भी प्रदान किए जाते हैं, ताकि उनका समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।

Dainik Roorkee