
दैनिक रुड़की (इकराम अली)::
पिरान कलियर। आगामी हज यात्रा 2026 को लेकर सऊदी अरब के नए नियमों ने भारतीय हज यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है। अजीजिया की बिल्डिंगों में किचन बंद किए जाने के फैसले से जायरीन में मायूसी देखी जा रही है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उत्तराखंड राज्य हज समिति के अध्यक्ष खतीब अहमद ने मुंबई स्थित हज कमेटी ऑफ इंडिया को पत्र भेजकर किचन सुविधा दोबारा शुरू कराने या केटरिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।

हज हाउस की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया कि अब तक अजीजिया की बिल्डिंगों में हज यात्रियों को खुद खाना बनाने की अनुमति होती थी। भारत से जाने वाले जायरीन अपने साथ राशन ले जाते थे और अपने स्वास्थ्य व स्वाद के अनुसार भोजन तैयार करते थे।लेकिन हाल ही में जारी नए नियमों के तहत अजीजिया बिल्डिंगों में किचन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। ऐसे में अब हज यात्रियों को भोजन के लिए पूरी तरह बाहरी व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ेगा। 
जिससे उनके बजट और सेहत दोनों पर असर पड़ सकता है और इबादत करने के समय में भी किल्लत रहेगी।उत्तराखंड राज्य हज समिति के अध्यक्ष खतीब अहमद ने कहा कि जायरीन की भावनाओं और उनकी जरूरतों को देखते हुए हज कमेटी ऑफ इंडिया से किचन की सुविधा बहाल करने का अनुरोध किया गया है या केटरिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।हज अधिशासी अधिकारी मोहम्मद आरिफ ने बताया कि हज यात्रियों की ओर से लगातार इस संबंध में शिकायतें मिल रही थीं। 
यात्रियों का कहना है कि बिना किचन के वहां लंबे समय तक रहना उनके लिए काफी कठिन हो जाएगा।उन्होंने बताया कि राज्य हज समिति इस मुद्दे को केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय के स्तर पर उठाकर जायरीन को होने वाली असुविधा दूर कराने का प्रयास करेगी।
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