दैनिक रुड़की (इकराम अली)::
कलियर/रुड़की। हरिद्वार विश्वविद्यालय रुड़की में आयोजित चार दिवसीय सांस्कृतिक एवं साहित्यिक महोत्सव “उत्कर्ष 2026” के अंतर्गत कवि सम्मेलन एवं मुशायरा कार्यक्रम ने श्रोताओं का दिल जीत लिया। विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित “एक शाम श्वेता सिंह के नाम” कार्यक्रम में शब्दों, भावनाओं और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला।

देशभर से आए प्रतिष्ठित कवियों और शायरों—इकबाल अशहर, नदीम शाद, श्वेता सिंह सुमन, बिलाल सहारनपुरी, जमी़ल असर, प्रियंशु तिवारी, जानवी सहगल, फैसल खांवलवी एवं रहमान रज़ा—ने अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी रचनाओं में प्रेम, देशभक्ति, सामाजिक सरोकार और युवाओं की ऊर्जा का प्रभावशाली चित्रण देखने को मिला।कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के चेयरमैन सी.ए. एस. के. गुप्ता ने की।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि साहित्य समाज को दिशा देने का सशक्त माध्यम है और ऐसे मंच विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को निखारने का कार्य करते हैं। कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. रविंद्र सेनी (डीन, स्टूडेंट वेलफेयर) एवं डॉ. निशा धीमान (कार्यक्रम समन्वयक) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर उपाध्यक्ष नमन बंसल, पीवीसी आदेश आर्य सहित विश्वविद्यालय के सभी विभागाध्यक्ष एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत प्रेरणादायक शायरी ने श्रोताओं को विशेष रूप से प्रभावित किया—“लफ़्ज़ों में वो ताकत रखो कि पहचान बन जाए, मेहनत में वो सच्चाई रखो कि उड़ान बन जाए,कलम को अपनी ताकत बना लो ऐ नौजवानों,तुम्हारी हर कोशिश ही तुम्हारी पहचान बन जाए।”पूरे आयोजन के दौरान सभागार तालियों की गूंज से बार-बार गूंजता रहा। यह कार्यक्रम न केवल मनोरंजन का माध्यम बना, बल्कि विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा और सीख का एक महत्वपूर्ण अवसर भी साबित हुआ।
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