
दैनिक रुड़की (योगराज पाल)::
रुड़की। जेल के सामने स्थित जनजीवन अस्पताल में गर्भवती महिला के ऑपरेशन के बाद मुआवजा नहीं दिए जाने से नाराज परिजनों एवं ग्रामीणों ने रविवार को जमकर हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल प्रबंधन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए जल्द मुआवजा नहीं मिलने पर अस्पताल के बाहर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी।

जानकारी के अनुसार सलेमपुर निवासी राजकुमार 13 मई को अपनी पत्नी मोनी की तबीयत खराब होने पर उसे जनजीवन अस्पताल लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि अल्ट्रासाउंड के बाद डॉक्टरों ने गर्भ खराब होने की बात कहकर तत्काल ऑपरेशन की सलाह दी। उसी दिन महिला का ऑपरेशन किया गया और तीन दिन बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

परिजनों का आरोप है कि घर पहुंचने के कुछ दिन बाद महिला की हालत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद उसे दोबारा अस्पताल लाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। हालत ज्यादा खराब होने पर परिजनों ने महिला को हरिद्वार के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
बताया गया कि 21 मई को दलित नेता योगेश कुमार के नेतृत्व में परिजन अस्पताल पहुंचे थे और हंगामा किया था। उस दौरान अस्पताल प्रबंधन ने महिला के उपचार का खर्च उठाने का आश्वासन दिया था।आरोप है कि आश्वासन के बावजूद अब तक कोई मुआवजा नहीं दिया गया। इससे नाराज योगेश कुमार और परिजन रविवार को फिर अस्पताल पहुंचे और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर शांत कराया।
दलित नेता योगेश कुमार ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मुआवजा नहीं दिया गया तो अस्पताल के बाहर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं इस संबंध अस्पताल की ओर से अपना कोई पक्ष नहीं रखा गया है अगर वह अपना पक्ष मीडिया के समक्ष रखेंगे तो हम उसे सार्वजनिक करेंगे।
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