
दैनिक रुड़की (योगराज पाल)::
रुड़की। ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व रुड़की और आसपास के क्षेत्रों में भाईचारे, सौहार्द और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मनाया गया। शहर की ईदगाहों और प्रमुख मस्जिदों में हजारों की संख्या में नमाजी पहुंचे और अकीदत के साथ ईद की नमाज अदा की। नमाज के दौरान लोगों ने देश में अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की की दुआ मांगी।

प्रशासन की ओर से पहले ही दिशा-निर्देश जारी किए गए थे कि सड़कों पर नमाज अदा न की जाए और सभी लोग निर्धारित ईदगाहों एवं मस्जिद परिसरों में ही नमाज पढ़ें। उलेमाओं और मस्जिद कमेटियों ने भी लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की थी।
त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बल की तैनाती की गई थी। गंगनहर कोतवाली पुलिस समेत वरिष्ठ अधिकारी लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे।
नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। कई सामाजिक संगठनों द्वारा नमाजियों के लिए मीठा शरबत और कोल्ड ड्रिंक की व्यवस्था भी की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
रुड़की शहर की जामा मस्जिद के मुफ्ती मोहम्मद सलीम ने कहा कि ईद-उल-अजहा त्याग, भाईचारे और इंसानियत का पर्व है। उन्होंने लोगों से कुर्बानी के बाद साफ-सफाई बनाए रखने और अवशेषों को खुले में न फेंकने की अपील की, ताकि शहर की स्वच्छता और व्यवस्था बनी रहे।
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