
दैनिक रुड़की (राहुल सक्सेना)::
रुड़की। मधोपुर गांव में मनरेगा कार्यों में कथित भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच को लेकर शुक्रवार को विवाद खड़ा हो गया। जांच प्रक्रिया से असंतुष्ट ग्रामीणों ने खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।

ग्रामीणों का आरोप है कि मनरेगा कार्यों में भ्रष्टाचार हुआ है जिसकी कई बार जांच की जा चुकी है लेकिन उसके बावजूद आज तक कारवाई नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि आज एक बार फिर से अनियमितताओं की शिकायत पर जांच के लिए एबीडीओ सुभाष सैनी और ग्राम सचिव वैशाली गांव पहुंचे थे, लेकिन उन्होंने मौके पर सही ढंग से जांच नहीं की और बिना निरीक्षण पूरा किए वापस लौट गए। इससे नाराज ग्रामीणों ने बीडीओ कार्यालय पहुंचकर नारेबाजी की और अधिकारियों पर मामले को दबाने का आरोप लगाया।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि ग्राम प्रधान के साथ कुछ अधिकारियों की मिलीभगत के कारण शिकायतों की निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पूरे मामले की पारदर्शी जांच नहीं कराई गई तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत कर आंदोलन को और तेज करेंगे।
इस संबंध में जब खंड विकास अधिकारी सुमन कोठियाल से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि जांच टीम को तहसीलदार द्वारा निर्धारित बिंदुओं पर जांच के निर्देश दिए गए थे। जिन बिंदुओं की जांच पूर्व में हो चुकी थी, उन्हें छोड़कर अन्य बिंदुओं की जांच की जानी थी। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता सभी बिंदुओं की शुरुआत से जांच कराने की मांग कर रहे थे। शिकायतकर्ताओं से इस संबंध में लिखित रूप से भी लिया गया है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मामले को लेकर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों ने मनरेगा कार्यों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों में आदिल रसीद,मोहम्मद उर्वेश,परवेज,गुलशेर मुस्तकीम, अनीश,जुनैद,बाबर,नावेद,नईम,मुन्ना,वाहव,मुजीब आदि मौजूद रहे।
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