
दैनिक रुड़की (राहुल सक्सेना)::
रुड़की। आगामी कांवड़ मेले को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से गुरुवार को पुलिस अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेले की सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पुलिस बल की तैनाती, कांवड़ मार्गों की तैयारियों तथा विभिन्न विभागों के समन्वय पर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बैठक में रुड़की और भगवानपुर के क्षेत्राधिकारियों समेत रुड़की, पिरान कलियर, मंगलौर, झबरेड़ा, खानपुर, लक्सर, गंगनहर, बुग्गावाला, पथरी तथा यातायात पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे।बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्र में स्पेशल पुलिस ऑफिसर (एसपीओ) की बैठक कर उनकी भूमिका का आकलन करें और आवश्यकता अनुसार नए एसपीओ नामित किए जाएं। साथ ही सीएसआर के तहत औद्योगिक इकाइयों से संपर्क कर कांवड़ मेले के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाए।

यातायात व्यवस्था को लेकर निर्देश दिए गए कि डायवर्जन स्थलों पर बैकअप पुलिस टीम तैनात रहे, जबकि क्षतिग्रस्त रोड डिवाइडरों की मरम्मत जल्द कराई जाए। कांवड़ मार्गों पर स्थित होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट में कर्मचारियों के सत्यापन एवं विवरण दर्ज करने के लिए रजिस्टर अनिवार्य रूप से रखा जाएगा।
बैठक में कांवड़ ड्यूटी के लिए पैरामिलिट्री, पीएसी और अन्य पुलिस बलों के ठहरने की समुचित व्यवस्था करने, मेले से पहले अतिक्रमण हटाने, अधिक से अधिक साइन बोर्ड और फ्लेक्स लगाने तथा भगवानपुर क्षेत्र में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराने के निर्देश भी दिए गए।
खानपुर क्षेत्र के बालावाली, दल्लावाला और खानपुर तिराहे पर एंबुलेंस तैनात करने का प्रस्ताव रखा गया, जबकि लक्सर क्षेत्र में कुंवाखेड़ा मार्ग को दोपहिया वाहनों के लिए उपयोग में लाने की योजना पर रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया। निरीक्षक यातायात को सभी बैरियर प्वाइंट का निरीक्षण कर पर्याप्त स्लाइडिंग बैरियर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में यह भी तय किया गया कि जिन महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं, वहां कैमरे लगाए जाएंगे। कांवड़ पटरी पर पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, पेड़ों की छंटाई, जलभराव वाले स्थानों की पहचान और पुलियों की मरम्मत के लिए संबंधित विभागों से समन्वय किया जाएगा। साथ ही कांवड़ मार्ग पर भंडारे लगाने वाली संस्थाओं और व्यक्तियों को 20 जुलाई 2026 से पहले अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इसके बाद नए भंडारों की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बैठक के अंत में सभी क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों का व्यापक भ्रमण कर सूक्ष्म स्तर पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने तथा समय रहते सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए।
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