
दैनिक रुड़की (योगराज पाल)::
रुड़की। नगर निगम रुड़की की महापौर अनीता देवी अग्रवाल, मेयर प्रतिनिधि एवं भाजपा नेता ललित मोहन अग्रवाल तथा मुख्य नगर आयुक्त गोपाल राम ने वार्ड नंबर-25 स्थित मोहल्ला रामनगर का निरीक्षण कर जलभराव और चोक पड़े नालों की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों का वर्षों से चला आ रहा आक्रोश अधिकारियों के सामने खुलकर सामने आया। लोगों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से मुख्य नाला चोक पड़ा है, जिसके कारण बरसात होते ही गलियां गंदे पानी से लबालब भर जाती हैं और पूरे क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडराने लगता है।


क्षेत्रवासियों ने अधिकारियों को बताया कि इस गंभीर समस्या की शिकायत कई बार वार्ड पार्षद पंकज सतीजा को की गई। पार्षद ने भी मुख्य नगर आयुक्त सहित नगर निगम के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को नाले के निर्माण एवं स्थायी समाधान के लिए कई बार लिखित पत्र भेजे, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। लोगों का कहना है कि शिकायतें केवल फाइलों तक सीमित रह गईं, जबकि मोहल्ले के हालात लगातार बिगड़ते चले गए।

निरीक्षण के दौरान मोहल्ले के लोगों ने पार्षद पंकज सतीजा के लेटर पैड पर हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन महापौर अनीता देवी अग्रवाल और मुख्य नगर आयुक्त को सौंपते हुए मांग की कि समस्या का स्थायी समाधान कराया जाए। लोगों ने स्पष्ट कहा कि जब तक नाले की पूरी सफाई नहीं होगी और नाले पर किए गए अतिक्रमण नहीं हटाए जाएंगे, तब तक हर बरसात में यही हालात बने रहेंगे।
नगर निगम के नाला गैंग के कर्मचारियों ने भी बताया कि वे नियमित रूप से सफाई करते हैं तथा कई बार अतिक्रमण हटवाने और व्यापक सफाई के लिए स्वास्थ्य विभाग एवं मुख्य नगर आयुक्त को लिखित रूप से अवगत करा चुके हैं। वहीं, निरीक्षण के दौरान जब नालों के ढक्कन खोले गए तो उनमें भारी मात्रा में गाद, कूड़ा-कचरा और मलबा जमा मिला, जिससे पानी की निकासी बुरी तरह प्रभावित दिखाई दी।

रामनगर की कई गलियों में हालात ऐसे हैं कि लोगों को घरों से बाहर निकलने के लिए जूते-चप्पल हाथ में लेकर गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो बरसात के बीच जलजनित और संक्रामक बीमारियों का खतरा और बढ़ सकता है।


निरीक्षण के दौरान मुख्य नगर आयुक्त ने नालों पर किए गए अतिक्रमण को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने सरकारी नालों पर अवैध स्लैब या अन्य प्रकार का कब्जा कर रखा है, वे स्वयं उसे हटा लें। अन्यथा नगर निगम द्वारा अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया जाएगा, ताकि जल निकासी व्यवस्था सुचारु की जा सके।अब क्षेत्रवासियों की निगाहें नगर निगम प्रशासन पर टिकी हैं। उनका कहना है कि उन्हें आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाली कार्रवाई चाहिए, ताकि हर बरसात में जलभराव और गंदगी की इस समस्या से स्थायी राहत मिल सके।
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