
दैनिक रुड़की (योगराज पाल)::
रुड़की। उत्तराखंड सरकार के लघु एवं सूक्ष्म, मध्यम उद्योग मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि माटी कला केवल एक पारंपरिक व्यवसाय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सभ्यता की अमूल्य धरोहर है। इसे संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जिम्मेदारी समाज के प्रत्येक व्यक्ति की है। सरकार माटी कला से जुड़े कारीगरों के उत्थान और उनके उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।


शुक्रवार को माटी कला बोर्ड के उपाध्यक्ष के संयोजन में रामनगर स्थित माटी कला बोर्ड उत्तराखंड के प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित सम्मान समारोह में मंत्री भरत सिंह चौधरी ने प्रजापति समाज के प्रतिभाशाली लोगों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि प्रजापति समाज सदियों से मिट्टी की कला को जीवंत बनाए हुए है। मिट्टी के बर्तनों और हस्तशिल्प का उपयोग पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्वरोजगार को भी बढ़ावा देता है। उन्होंने युवाओं से इस पारंपरिक कला को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रुड़की की मेयर अनीता अग्रवाल ने प्लास्टिक और डिस्पोजेबल उत्पादों के बढ़ते उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए लोगों से मिट्टी के बर्तनों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मिट्टी के उत्पादों का उपयोग पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय कारीगरों की आजीविका को भी मजबूत करेगा।
कार्यक्रम का संचालन अशोक शर्मा आर्य ने किया। इस अवसर पर राज्यमंत्री आदेश सैनी, देशराज कर्णवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मधु सिंह, मंडल अध्यक्ष सुमित अग्रवाल, परिवहन प्राधिकरण सदस्य संजय अरोड़ा, दिनेश कौशिक, सुशील त्यागी,विनय शर्मा, राकेश गिरी, महेंद्र काला, अरविंद गौतम, चेरब जैन, विवेक काम्बोज, नितिन गोयल, नितिन लखानी, कविश मित्तल, प्रतिभा चौहान, अनीश गौड़, सतेंद्र तोमर, ममता राणा, रामगोपाल शर्मा, यूनुस सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं प्रजापति समाज के लोग उपस्थित रहे।

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