
एक ही व्यक्ति द्वारा 29 आपत्तियां दर्ज होने का आरोप, निष्पक्ष जांच और घर-घर सत्यापन की मांग
दैनिक रुड़की (फिरोज खान)::
मंगलौर। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर मंगलौर में सियासी हलचल तेज हो गई है। मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन और नगर पालिका अध्यक्ष मोहिउद्दीन अंसारी ने वार्ड नंबर-5 के बूथ नंबर-1 में कई मतदाताओं के वोट पर दर्ज की गई आपत्तियों को लेकर प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।
मंगलवार को मोहल्ला पठानपुरा स्थित डॉ. शराफत के आवास पर आयोजित प्रेसवार्ता में दोनों जनप्रतिनिधियों ने कहा कि वे ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से एसआईआर प्रक्रिया की लगातार निगरानी कर रहे हैं, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने मतदान के अधिकार से वंचित न रहे। इस दौरान उन मतदाताओं को भी मीडिया के सामने प्रस्तुत किया गया, जिनके नाम पर आपत्तियां दर्ज की गई हैं।
विधायक काजी निजामुद्दीन ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार बीएलओ लेवल-2 एक दिन में सीमित संख्या में ही आपत्तियां दर्ज कर सकता है, लेकिन वार्ड नंबर-5 के बूथ नंबर-1 में एक ही व्यक्ति द्वारा 29 आपत्तियां दर्ज की गई हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
उन्होंने जिला प्रशासन और निर्वाचन अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि जिन मतदाताओं के नाम पर आपत्तियां दर्ज हुई हैं, उनके घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन कराया जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वे संबंधित पते पर निवास करते हैं या नहीं। साथ ही उन्होंने यह भी मांग की कि इतनी बड़ी संख्या में आपत्तियां दर्ज करने वाले व्यक्ति की भूमिका की भी जांच की जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
नगर पालिका अध्यक्ष मोहिउद्दीन अंसारी ने भी प्रशासन से निष्पक्ष रवैया अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण के नाम पर किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए। चुनाव से पहले उठे इस विवाद के बाद अब पूरे मामले पर निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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