
दैनिक रुड़की (इकराम अली)::
पिरान कलियर। दरगाह साबिर पाक के सालाना उर्स/मेले को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। चांद दिखाई देने पर 13 अगस्त से उर्स/मेला शुरू होने की संभावना है। चांद दिखने के बाद मेहंदी डोरी की रस्म अदा की जाएगी। जिसके साथ ही सालाना उर्स का आगाज होगा। देश-विदेश से आने वाले जायरीनों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन की ओर से व्यवस्थाओं को समय रहते अंतिम रूप दिया जा रहा है।


दरगाह की व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद्र सेठ और तहसीलदार एवं दरगाह प्रबंधक विकास अवस्थी ने उर्स/मेले की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक ठेके समय से पहले छोड़े हैं। ठेके छोड़े जाने के बाद अब संबंधित कार्य धरातल पर भी तेजी से दिखाई देने लगे हैं।जायरीनों के ठहरने के लिए दरगाह क्षेत्र में जर्मन हैंगर लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। दरगाह कार्यालय के सामने भी जर्मन हैंगर लगाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके अलावा जायरीनों की सुविधा और उर्स की व्यवस्थाओं से जुड़े अन्य कार्य भी तेजी से कराए जा रहे हैं।

व्यवस्थाओं पर प्रशासन की पैनी नजर
उर्स के दौरान बड़ी संख्या में जायरीनों के कलियर पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन प्रत्येक व्यवस्था पर नजर बनाए हुए है। ठहरने की व्यवस्था, आवागमन, साफ-सफाई, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए संबंधित विभागों को समय से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।प्रशासन का प्रयास है कि इस बार पिछले साल की तुलना में और बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएं,जिससे देश के विभिन्न राज्यों के साथ ही विदेशों से आने वाले जायरीनों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उर्स शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए अधिकारियों की ओर से लगातार निरीक्षण और निगरानी की जा रही है।
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