
दैनिक रुड़की (राहुल सक्सेना)::
रुड़की। मंगलवार देर शाम रुड़की से सालियर गांव के लिए निकली संवेदनशील मानी जाने वाली सालियर गांव की कांवड़ मंगलवार को कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच अपने गंतव्य की ओर रवाना हुई। कांवड़ यात्रा के दौरान जमीन से लेकर आसमान तक सुरक्षा का पहरा रहा। पुलिस ने ड्रोन के माध्यम से यात्रा मार्ग की निगरानी की, जबकि बड़ी संख्या में पुलिस, पीएसी और अर्द्धसैनिक बलों के जवान चप्पे-चप्पे पर तैनात रहे। पुलिस के आला अधिकारियों के साथ एलआईयू की टीम भी पूरी तरह सतर्क रही।

रुड़की शहर की सीमा में प्रवेश करते ही कांवड़ को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। गणेशपुर पुल पर श्रद्धालुओं और कांवड़ समिति से जुड़े लोगों ने भगवान शिव की आरती की। समाजसेवी आशीष वर्मा ने भी आरती में शामिल होकर लोगों से एकजुटता और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इसके बाद कांवड़ को कड़ी सुरक्षा के बीच सालियर की ओर रवाना किया गया।
कांवड़ में शामिल आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। युवा कांवड़िये विभिन्न भजनों पर जमकर झूमते और नृत्य करते नजर आए। कांवड़ यात्रा को देखने के लिए मार्ग में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ भी जुटी रही।रामपुर चुंगी पहुंचते ही सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के जवानों ने कांवड़ को चारों ओर से सुरक्षा घेरे में लेकर आगे बढ़ाया। रामपुर चुंगी से सालियर गांव तक हाईवे पर जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा। ड्रोन से लगातार निगरानी की जाती रही।
2015 के बवाल के बाद हर साल रहती है विशेष निगरानी
सालियर गांव की कांवड़ को जिले की सबसे संवेदनशील कांवड़ यात्राओं में माना जाता है। वर्ष 2015 में कांवड़ यात्रा के दौरान रामपुर गांव में दो समुदायों के बीच जमकर विवाद हुआ था। इस दौरान पथराव, तोड़फोड़ और अन्य घटनाएं हुई थीं। पुलिस के सरकारी वाहनों के साथ ही आम लोगों के वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई थी। घटना में कई पुलिसकर्मी और मीडियाकर्मी घायल हुए थे।
इसके बाद से ही सालियर गांव की कांवड़ को लेकर पुलिस-प्रशासन हर वर्ष विशेष सतर्कता बरतता है। इस बार भी यात्रा के मद्देनजर पीएसी, अर्द्धसैनिक बल और सिविल पुलिस के जवानों की बड़ी संख्या में तैनाती की गई।
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