
दैनिक रुड़की (इकराम अली)::
पिरान कलियर। दरगाह साबिर पाक के 758वें सालाना उर्स में हुई तेज बारिश ने दरगाह प्रशासन की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी। बारिश के बाद उर्स क्षेत्र में कई जगह जलभराव हो गया। दरगाह कार्यालय के सामने बनाए गए जर्मन हैंगर में भी पानी भर गया। वहीं कुछ स्थानों पर बारिश के पानी के साथ टॉयलेट का गंदा पानी जमा होने से स्थिति और खराब हो गई।जिससे उर्स में शामिल होने पहुंचे जायरीनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

तेज बारिश के दौरान जायरीन सुरक्षित स्थान की तलाश में इधर-उधर भटकते नजर आए। कई जायरीन अपने सामान को बारिश के पानी से बचाने के लिए जद्दोजहद करते दिखाई दिए। जलभराव के कारण रास्तों से गुजरने में भी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।जायरीनों का कहना है कि उर्स के दौरान महफिलखाना उनके लिए बारिश और खराब मौसम में सुरक्षित सहारा रहा है। यहां जायरीन बारिश से बचने के लिए बैठते और आराम करते थे। साथ ही अपने सामान को भी सुरक्षित रख लेते थे। 
लेकिन इस बार महफिलखाने को टीन शेड लगाकर बंद कर दिया गया है और वहां ‘नो एंट्री’ का बोर्ड लगा हुआ है।जायरीनों का कहना है कि देर रात को जब तेज बारिश हुई तो उन्हें महफिलखाने में जाने की जगह नहीं मिली। एक ओर जर्मन हैंगर में पानी भर गया, वहीं दूसरी ओर महफिलखाना बंद होने के कारण उन्हें बारिश से बचने के लिए सुरक्षित स्थान तलाशना पड़ा।
इससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को विशेष परेशानी उठानी पड़ी।उर्स में पहुंचे जायरीनों ने दरगाह प्रबंधन से महफिलखाना खोलने और वहां लगाया गया ‘नो एंट्री’ का बोर्ड हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि उर्स में देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में जायरीन पहुंच रहे हैं। ऐसे में बारिश को देखते हुए बैठने और ठहरने के लिए पर्याप्त सुरक्षित स्थान की व्यवस्था जरूरी है।
जायरीनों ने जलभराव और गंदे पानी की समस्या का तत्काल समाधान कराने की भी मांग की है। उनका कहना है कि उर्स अभी चल रहा है और आने वाले दिनों में जायरीनों की संख्या और बढ़ेगी। ऐसे में पहली तेज बारिश में ही व्यवस्थाओं की स्थिति सामने आने से आने वाले दिनों में परेशानी बढ़ने की आशंका है।
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