
दैनिक रुड़की (राहुल सक्सेना)::
रुड़की। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड की टीम ने मंगलवार को रुड़की और झबरेड़ा क्षेत्र में विभिन्न थोक एवं फुटकर मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दवाओं के क्रय-विक्रय संबंधी अभिलेख, स्टॉक, एक्सपायरी दवाओं के रखरखाव, फार्मासिस्ट की उपस्थिति और ठंडे तापमान में रखी जाने वाली दवाओं के भंडारण की जांच की गई। गंभीर अनियमितताएं मिलने पर टीम ने आठ मेडिकल स्टोरों का क्रय-विक्रय तत्काल प्रभाव से रोकते हुए उनके लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति की है।
अपर आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड ताजबर जग्गी के निर्देशन और उप औषधि नियंत्रक हेमन्त नेगी के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। औषधि निरीक्षक हरीश सिंह, हार्दिक भट्ट और अमित कुमार आजाद की संयुक्त टीम ने मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया।

टीम ने विशेष रूप से नारकोटिक एवं साइकोट्रॉपिक दवाओं की बिक्री की जांच की। साथ ही एनडीपीएस अधिनियम और औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम के तहत रखे जाने वाले रजिस्टर, बिल बुक और स्टॉक का भी सत्यापन किया गया।
अधिकारियों ने मेडिकल स्टोर संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि चिकित्सक के वैध पर्चे के बिना अनुसूचित और नारकोटिक दवाओं की बिक्री न की जाए। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
निरीक्षण के बाद विभाग ने सभी संचालकों को औषधि नियमावली के प्रावधानों के अनुसार दवा कारोबार संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही आम जनता के लिए आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं का पर्याप्त भंडारण और उचित मूल्य पर उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।
औषधि विभाग ने स्पष्ट किया कि नशीली और प्रतिबंधित दवाओं के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए ऐसे औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे। नियमों की अनदेखी करने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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