
दैनिक रुड़की (इकराम अली)::
पिरान कलियर। उर्स मेले की 11वीं तारीख पर मंगलवार को रबीउल अव्वल की छोटी रोशनी मनाई जा रही है। उर्स में देश के कोने-कोने से जायरीनों के पहुंचने का सिलसिला तेज हो गया है। बुधवार को ईद मिलादुन्नबी मनाई जाएगी। मेले में बढ़ती भीड़ के बीच बड़ी संख्या में होटल और ढाबे लगाए गए हैं, जहां रोजाना हजारों जायरीन भोजन कर रहे हैं। ऐसे में बरसात के मौसम में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है, लेकिन जिम्मेदार खाद्य सुरक्षा विभाग की सक्रियता पर सवाल उठ रहे हैं।


उर्स/मेले की व्यवस्थाओं को लेकर सक्रिय ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की एवं मेला अधिकारी दीपक रामचंद्र सेठ और तहसीलदार एवं दरगाह प्रबंधक रुड़की विकास अवस्थी ने ईओ नगर पंचायत कुलदीप चौहान के साथ मंगलवार को मेले में लगे एक नामचीन होटल पर अचानक पहुंचकर निरीक्षण किया।जांच के दौरान होटल की कढ़ाई में काला और खराब तेल इस्तेमाल होता मिला। इसे देखकर जेएम ने नाराजगी जताई और मौके पर ही तेल को नष्ट कराया। साथ ही होटल संचालक पर जुर्माना लगाते हुए खाद्य सामग्री तैयार करने में गुणवत्ता और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के सख्त निर्देश दिए।
बारिश में लापरवाही पड़ सकती है भारी..
बरसात के मौसम में नमी और गंदगी के कारण खाद्य पदार्थ जल्द खराब होने की आशंका रहती है। ऐसे में उर्स जैसे बड़े मेले में जहां दूर-दराज से हजारों जायरीन पहुंच रहे हैं, वहां भोजन की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता भारी पड़ सकता है। इसके बावजूद होटल और ढाबों की नियमित जांच नहीं होना जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।जेएम की अचानक हुई कार्रवाई से मेले में खाद्य सामग्री बेचने वाले होटल-ढाबा संचालकों में खलबली मच गई। 
वहीं सवाल यह भी है कि जिस काम के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की तैनाती और जिम्मेदारी है,उसके लिए प्रशासनिक अधिकारी को खुद मैदान में उतरकर कार्रवाई क्यों करनी पड़ रही है।जायरीनों ने मांग की है कि उर्स मेले के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को लगातार अभियान चलाकर होटलों और ढाबों में इस्तेमाल होने वाले तेल, खाद्य सामग्री, पानी और साफ-सफाई की जांच करनी चाहिए, ताकि किसी जायरीन की सेहत के साथ खिलवाड़ न हो।
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