दैनिक रुड़की (राहुल सक्सेना)::
रुड़की। रुड़की के आध्यात्मिक जगत के लिए गौरव की खबर सामने आई है। मां बगलामुखी के उपासक आचार्य लोकेश जी महाराज को आध्यात्मिक साधना, ज्ञान और मानवता की सेवा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए नई दिल्ली स्थित एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित सम्मान समारोह में मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया।
आचार्य लोकेश जी महाराज लंबे समय से साधना, आध्यात्मिक ज्ञान और समाज सेवा के माध्यम से लोगों को सनातन संस्कृति एवं मानव सेवा के प्रति प्रेरित कर रहे हैं। उनके इसी योगदान को देखते हुए उन्हें यह विशेष सम्मान प्रदान किया गया।

सम्मान प्राप्त करने के बाद आचार्य लोकेश जी महाराज ने इसे अपने आध्यात्मिक जीवन और साधना-पथ का विशेष एवं स्मरणीय पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके लिए व्यक्तिगत उपलब्धि से कहीं अधिक है। उन्होंने इसका श्रेय मां पीताम्बरा की कृपा, गुरुओं के आशीर्वाद, माता-पिता के संस्कार तथा श्रद्धालुओं और साधना परिवार के स्नेह को दिया।
उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन सभी श्रद्धालुओं, साधकों और शुभचिंतकों के प्रेम और विश्वास का भी सम्मान है, जो वर्षों से साधना, सनातन संस्कृति और मानव सेवा के इस मार्ग से जुड़े हुए हैं। एक साधक के लिए सबसे बड़ा सम्मान किसी उपाधि में नहीं, बल्कि आराध्य की कृपा, गुरु का आशीर्वाद और जनमानस का विश्वास प्राप्त करना है।
आचार्य लोकेश जी महाराज ने कहा कि मानद डॉक्टरेट की यह उपाधि उन्हें सनातन धर्म, साधना और मानवता की सेवा के लिए और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देगी। उन्होंने इस सम्मान को अपनी आराध्या मां पीताम्बरा, पूज्य गुरुदेव, माता-पिता तथा समस्त श्रद्धालुओं और बगलामुखी साधना परिवार को समर्पित किया।
रुड़की के आध्यात्मिक क्षेत्र से जुड़े आचार्य लोकेश जी महाराज को नई दिल्ली के प्रतिष्ठित मंच पर मिले इस सम्मान को उनके अनुयायी साधना और मानव सेवा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देख रहे हैं।
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