
दैनिक रुड़की (राहुल सक्सेना):::
रुड़की। विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर एक होटल में फिजियोथेरेपिस्ट एसोसिएशन ऑफ रुड़की की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में फिजियोथेरेपी के महत्व और बदलते चिकित्सा क्षेत्र में इसकी उपयोगिता पर चर्चा की गई।

एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश मौर्य ने कहा कि वर्तमान समय में समाज में फिजियोथेरेपी की पहचान और उपयोगिता लगातार बढ़ रही है। फिजियोथेरेपी के माध्यम से कई बीमारियों और शारीरिक समस्याओं का प्रभावी उपचार संभव है। कई ऐसी परिस्थितियां होती हैं, जहां दवाओं से अपेक्षित लाभ नहीं मिलता, वहां फिजियोथेरेपी कारगर साबित होती है।

एसोसिएशन के सचिव नितिन परमार ने कहा कि मेडिकल साइंस में फिजियोथेरेपी की उपयोगिता लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में ऑर्थोपेडिक, स्पोर्ट्स इंजरी, कार्डियोलॉजी, आईसीयू और प्लास्टिक सर्जरी सहित विभिन्न चिकित्सा क्षेत्रों में फिजियोथेरेपी की महत्वपूर्ण भूमिका है।

कोषाध्यक्ष डॉ. दिनेश शर्मा एवं डॉ. सौरभ ने कहा कि लोगों को किसी झोलाछाप से उपचार कराने से बचना चाहिए। उपचार कराने से पहले चिकित्सक की शैक्षणिक योग्यता और संबंधित डिग्री की जानकारी अवश्य लेनी चाहिए, ताकि गलत उपचार से शरीर को नुकसान न पहुंचे।

डॉ. मुनीर एवं डॉ. अखिलेश ने कहा कि 50 वर्ष की उम्र के बाद प्रत्येक व्यक्ति को समय-समय पर अपना फिजिकल चेकअप करवाते रहना चाहिए। नियमित स्वास्थ्य जांच से गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान कर उनका उपचार कराया जा सकता है। इस अवसर पर डॉ. गुलाब सिंह, डॉ. कौशल मौर्य, डॉ. मोहित, डॉ. तुषार सहित एसोसिएशन के अन्य सदस्य एवं फिजियोथेरेपिस्ट मौजूद रहे।
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