ईडी की कार्रवाई और ‘मां की सौगंध’ वाली भावुक पोस्ट के बाद पहली बार उत्तराखंड पहुंचे रावत, काफिले में कई विधायक रहे साथ
दैनिक रुड़की ब्यूरो::
रुड़की। लंबे समय बाद पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत के उत्तराखंड लौटने पर नारसन बॉर्डर से लेकर राजधानी तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह उनका जोरदार स्वागत किया। स्वागत के दौरान रावत के पीछे चल रहा वाहनों का लंबा काफिला भी कांग्रेस में उनकी सक्रियता की वापसी का संदेश देता नजर आया। काफिले में धारचूला विधायक हरीश धामी, जसपुर विधायक आदेश चौहान, कलियर विधायक फुरकान अहमद और भगवानपुर विधायक ममता राकेश सहित कई नेता और कार्यकर्ता शामिल रहे।
हरीश रावत की प्रदेश वापसी ऐसे समय हुई है, जब उनके पूर्व ओएसडी और वर्तमान निजी सहायक चंदन सिंह जीना के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई को लेकर उत्तराखंड की राजनीति गरमाई हुई है। ईडी की कार्रवाई वर्ष 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़ी जांच का हिस्सा बताई गई है। कार्रवाई के बाद रावत ने कांग्रेस के संगठनात्मक पदों से इस्तीफे की पेशकश भी की थी।
इसके बाद रावत ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट जारी कर अपनी सफाई दी थी। उन्होंने अपनी मां की सौगंध लेते हुए कहा था कि उन्होंने कभी किसी को नौकरी दिलाने के बदले पैसे नहीं लिए और न ही इसके एवज में किसी से चाय-पानी तक लिया। रावत ने कहा था कि वह अपने ऊपर लगाए जा रहे कथित कलंक के खिलाफ आखिरी दम तक संघर्ष करेंगे।
ऐसे घटनाक्रम के बाद प्रदेश में रावत की यह पहली बड़ी राजनीतिक मौजूदगी मानी जा रही है। नारसन से शुरू हुआ स्वागत मंगलौर तक पहुंचा, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इसके बाद रावत ने सोशल मीडिया पर कार्यकर्ताओं के उत्साह का जिक्र करते हुए लिखा कि कार्यकर्ताओं का जोश बता रहा है कि बदलाव तय है।
कुछ चेहरे साथ, कुछ की गैरमौजूदगी बनी चर्चा
रावत के स्वागत कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेताओं और विधायकों की मौजूदगी के बीच कुछ प्रमुख चेहरों की गैरमौजूदगी भी राजनीतिक चर्चाओं का विषय बनी। जिस विधानसभा क्षेत्र से स्वागत की शुरुआत हुई, वहां के मौजूदा विधायक काजी निजामुद्दीन और उनके करीबी माने जाने वाले विधायक वीरेंद्र जाटी स्वागत कार्यक्रम में नजर नहीं आए।
मंगलौर के बाद काफिला रुड़की पहुंचा। यहां महानगर अध्यक्ष चौधरी राजेंद्र सिंह के अलावा शहर में कांग्रेस से टिकट के चार प्रमुख दावेदारों में शामिल यशपाल राणा और गौरव गोयल भी स्वागत कार्यक्रम में दिखाई नहीं दिए। वहीं प्रदेश मंत्री प्रणय प्रताप और पूर्व प्रदेश महासचिव सचिन गुप्ता रावत के स्वागत में मौजूद रहे। प्रणय के नेतृत्व में रावत का जोरदार स्वागत गोल चौक पर किया गया।

चुनाव से पहले फिर सक्रिय हुए रावत, सामने आए संगठन के अलग-अलग समीकरण
हरीश रावत की प्रदेश वापसी और उनके स्वागत में उमड़ी भीड़ ने कांग्रेस की आगामी चुनावी राजनीति को लेकर चर्चाओं को तेज कर दिया है। एक ओर रावत के साथ कई विधायक और कार्यकर्ता कदमताल करते नजर आए, वहीं कुछ प्रमुख नेताओं की गैरमौजूदगी ने पार्टी के भीतर अलग-अलग राजनीतिक समीकरणों की चर्चाओं को हवा दी है।
ईडी की कार्रवाई के बाद रावत की भावुक प्रतिक्रिया और अब उत्तराखंड वापसी को ऐसे समय में देखा जा रहा है, जब प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं। ऐसे में नारसन से देहरादून तक रावत के स्वागत के दौरान नजर आए चेहरे और गैरमौजूद रहने वाले चेहरे, दोनों ही आने वाले दिनों की कांग्रेस की राजनीति के लिहाज से चर्चा का विषय बने हुए हैं।
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