

दैनिक रुड़की (योगराज पाल):::
रुड़की। आनंद स्वरुप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर में 'वंदे मातरम्, नमामि भारतम्' के पावन उद्घोष के साथ एक करोड़ जन के पूर्ण वंदे मातरम् गायन कार्यक्रम का आयोजन पूरे हर्षोल्लास और उत्साह के साथ किया गया। विद्या भारती द्वारा वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं, अभिभावकों, शिक्षकों, प्रबंध समिति, कर्मचारियों और क्षेत्रवासियों सहित 5 हजार से अधिक लोगों ने देशभक्ति के भाव के साथ सहभागिता की।

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. प्रवीण कुमार (सह निदेशक, आईआईटी), श्यामवीर सैनी (उपाध्यक्ष गन्ना समिति/राज्य मंत्री), यंग बहादुर सिंह (निदेशक, जोशी लि. कंपनी), विद्यालय प्रबंधक डॉ. रजत अग्रवाल, मनोज (सह विभाग कार्यवाह) एवं प्रधानाचार्य अमरदीप सिंह द्वारा भारत माता के चित्र के समक्ष पुष्पार्चन एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।

मुख्य अतिथि डॉ. प्रवीण कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह राष्ट्रीय गीत 1882 में उपन्यास 'आनंदमठ' में प्रकाशित हुआ था और 1896 में कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा गाया गया था। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान यह देशभक्ति का सबसे बड़ा नारा बना। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा से संस्कार, संस्कार से चरित्र और चरित्र से ही राष्ट्र निर्माण संभव है।

राज्य मंत्री श्यामवीर सैनी ने कहा कि धर्म और संस्कृति के प्रति आत्मविश्वास को पुनर्स्थापित करना आज की मुख्य आवश्यकता है। यह आयोजन भारत को विश्व गुरु बनाने और स्वाभिमान का बोध कराने का अवसर है। वहीं, विद्यालय प्रबंधक डॉ. रजत अग्रवाल ने 'नर सेवा ही नारायण सेवा' का संदेश देते हुए कहा कि अपनी जड़ों और संस्कृति को भूल रही भावी पीढ़ी के लिए इस प्रकार के राष्ट्रवादी आयोजन मील का पत्थर साबित होते हैं। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्य जे.पी. शर्मा, रवींद्र कुमार बंसल, नगर के कई गणमान्य नागरिक और शिक्षाविद प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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