
दैनिक रुड़की (योगराज पाल)::
रुड़की। डीएवी महाविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में विश्वविद्यालय प्रतिनिधि पद के एनएसयूआई समर्थित प्रत्याशी के नामांकन को लेकर शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। प्रत्याशी के मूल दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने का आरोप लगाते हुए एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने नामांकन निरस्त करने की मांग की थी। नामांकन निरस्त न होने और चुनाव संचालन समिति की ओर से प्रत्याशियों की सूची जारी किए जाने के बाद एबीवीपी कार्यकर्ताओं का गुस्सा भड़क गया।

एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने चुनाव संचालन समिति के सामने जमकर नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। उनका आरोप था कि संबंधित प्रत्याशी के दस्तावेजों की जांच के दौरान मूल दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। इसके बावजूद उसका नामांकन निरस्त नहीं किया गया। कार्यकर्ताओं ने चुनाव समिति से नामांकन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इस संबंध में स्पष्टीकरण की मांग की।

विरोध के दौरान मौके पर पहुंचे महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एमपी सिंह से एबीवीपी कार्यकर्ताओं की तीखी नोकझोंक हो गई। मामला बढ़ता देख पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा। पुलिस ने किसी तरह प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को शांत कराया।एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव की नामांकन प्रक्रिया में नियमों का पालन होना चाहिए और सभी प्रत्याशियों के मूल दस्तावेजों की निष्पक्ष तरीके से जांच की जानी चाहिए।
वहीं इस संबंध में प्राचार्य डॉक्टर एमपी सिंह का कहना है कि उक्त प्रत्याशी हर्षवर्धन बावरा के ओरिजनल डॉक्यूमेंट कहीं खो गए हैं जिसकी रिपोर्ट उसने पुलिस को करवाई हुई है इसके बाद कॉलेज की ओर से उसके डॉक्यूमेंट विश्वविद्यालय से जांच करवाए गए जिसमें सही पाए गए ऐसे में नियमानुसार पर्चा निरस्त करना सही नहीं है। इस दौरान पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अभिजीत पाल, गोविंद पाल, पूर्व जिला प्रमुख नितिन चौधरी, रवि सैनी, दीपक पांडेय और आकाश गौतम सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
© Dainik Roorkee. All Rights Reserved. Design by Xcoders Technologies