कॉर्नर लैंप के डिजाइन पर अधिकार का दावा, बड़ी मात्रा में माल बरामद होने की सूचना
दैनिक रुड़की (राहुल सक्सेना)::
रुड़की। कॉपीराइट और डिजाइन अधिकार से जुड़े विवाद में दिल्ली से पहुंची एक टीम ने रुड़की और आसपास के क्षेत्रों में कई ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई घरों की सजावट में इस्तेमाल होने वाले लकड़ी और लोहे से बनाए जा रहे कॉर्नर लैंप को लेकर बताई जा रही है। टीम के पहुंचने की सूचना से संबंधित कारोबारियों में हलचल रही।
बताया गया है कि दिल्ली के एक व्यापारी ने इन कॉर्नर लैंप के डिजाइन पर कॉपीराइट अथवा पेटेंट अधिकार होने का दावा किया है। आरोप है कि रुड़की और आसपास के क्षेत्रों में बिना अनुमति संबंधित डिजाइन के लैंप तैयार कर बाजार में बेचे जा रहे थे। इसी शिकायत के आधार पर दिल्ली से टीम रुड़की पहुंची और कई स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की।
टीम के साथ पहुंचे अधिवक्ता ने दावा किया कि लोहे के क्रॉस-कट और लकड़ी से तैयार किए जाने वाले कुछ लैंप के डिजाइन उनके मुवक्किल द्वारा पंजीकृत कराए गए हैं। उनका कहना था कि संबंधित अधिकारों के तहत बिना अनुमति इन डिजाइनों का निर्माण और बिक्री किए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
कार्रवाई के दौरान कई स्थानों से बड़ी मात्रा में कॉर्नर लैंप बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, रुड़की से इन लैंप की बड़े स्तर पर बिक्री किए जाने के साथ ही ऑनलाइन माध्यम से भी कारोबार किए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि इससे संबंधित व्यापारी को आर्थिक नुकसान हो रहा था।
अधिवक्ता ने कहा कि भविष्य में यदि संबंधित डिजाइन के लैंप बिना अनुमति बनाते या बेचते हुए कोई व्यक्ति पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि बौद्धिक संपदा अधिकारों के उल्लंघन के मामले में हर्जाने का दावा भी किया जा सकता है।हालांकि, छापेमारी और बरामदगी से जुड़े सभी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि अभी संबंधित विभाग अथवा पुलिस की ओर से नहीं की गई है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के बाद ही पूरे प्रकरण की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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