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10/4/2026 10:07:23 AM

लोक निर्माण विभाग की कार्यशैली सवालों के घेरे में?..सड़क के ऊपर सड़क डालकर बढ़ाया जा रहा लेवल!..

मकान-दुकान हुए नीचे, भाजपा नेता अभिषेक चंद्रा ने उठाए सवाल; PWD की एई बोलीं—राज्य निधि आयोग से हो रहा निर्माण


दैनिक रुड़की (योगराज पाल)::


रुड़की। शहर में लोक निर्माण विभाग की ओर से कराए जा रहे सड़क निर्माण को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। कई स्थानों पर पुरानी सड़क को तोड़े बिना उसके ऊपर ही नई सड़क की लेयर डाले जाने से सड़क का लेवल लगातार ऊंचा होता जा रहा है। इसके चलते आसपास के मकान और दुकानें सड़क की तुलना में नीचे दिखाई देने लगी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुरानी सड़क को तोड़कर बेस तैयार करने के बाद नई सड़क बनाई जानी चाहिए थी।


भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंडल अध्यक्ष अभिषेक चंद्रा ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से इस मामले को उठाते हुए सवाल किया है कि आखिर शहर में सड़क निर्माण की ऐसी क्या वजह है कि पुरानी सड़क को तोड़ने के बजाय उसके ऊपर ही नई सड़क डाली जा रही है। उनका कहना है कि लगातार सड़क की ऊंचाई बढ़ने से भविष्य में लोगों के सामने जलभराव समेत कई समस्याएं खड़ी हो सकती हैं।


PWD की एई ने बताई निर्माण की प्रक्रिया


मामले में लोक निर्माण विभाग की एई दीपा सिंह ने बताया कि नगर विधायक एवं प्रदेश के परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा के कहने पर राज्य निधि आयोग से इन सड़कों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इन सड़कों पर पुरानी सड़क को तोड़े बिना उसके ऊपर नई सड़क की लेयर डालने का काम किया जा रहा है। विभागीय अधिकारी के इस बयान के बाद सड़क निर्माण को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। सवाल यह है कि जब पुरानी सड़क के ऊपर नई लेयर डाली जा रही है तो सड़क का अंतिम लेवल किस तकनीकी आधार पर निर्धारित किया गया है? क्या निर्माण से पहले आसपास के मकानों, दुकानों और नालियों की ऊंचाई का सर्वे किया गया है? यदि सड़क का लेवल लगातार बढ़ता गया तो बरसात के दौरान पानी की निकासी किस तरह होगी?


‘आज सड़क ऊंची, कल घर-दुकान नीचे’


स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क का निर्माण विकास के लिए जरूरी है, लेकिन निर्माण की ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे भविष्य में सड़क आसपास के मकानों और दुकानों से ऊंची न हो जाए। लोगों को आशंका है कि यदि सड़क पर लगातार नई लेयर चढ़ती रही तो आने वाले समय में बारिश का पानी घरों और दुकानों में घुसने की समस्या पैदा कर सकता है।


अब देखने वाली बात यह होगी कि PWD सड़क निर्माण के साथ सड़क के लेवल, जल निकासी और आसपास के भवनों की ऊंचाई का संतुलन किस तरह बनाए रखता है। शहरवासियों की मांग है कि संबंधित निर्माण कार्यों की तकनीकी जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि सड़क के ऊपर नई लेयर डालने का निर्णय किन मानकों के आधार पर लिया गया है।

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