
दैनिक रुड़की (योगराज पाल):::
रुड़की। नगर निगम सभागार में उस समय माहौल गरमा गया, जब पिछले कई दिनों से कार्य बहिष्कार कर धरने पर बैठे कर्मचारियों और निगम प्रशासन के बीच वार्ता आयोजित की गई। घंटों चली इस बैठक में दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और गहमागहमी देखने को मिली, लेकिन अंततः वार्ता बेनतीजा ही समाप्त हुई।

कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील करते हुए महापौर अनिता देवी अग्रवाल ने कहा कि सभी को जनहित में अपनी ड्यूटी पर वापस आ जाना चाहिए। हालांकि, कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों ने साफ कर दिया कि जब तक उनकी जायज मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन वापस लेने का सवाल ही नहीं उठता।

बैठक में मौजूद मेयर पति ललित मोहन अग्रवाल ने तर्क दिया कि निगम प्रशासन शासन द्वारा जारी जीओ (शासनादेश) के दायरे में ही काम कर सकता है। वेतन वृद्धि का प्रावधान शासन स्तर पर तय होता है, जिसके लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है। इस पर आक्रोशित कर्मचारियों ने निगम प्रशासन और महापौर की नीयत पर सवाल खड़े किए। यूनियन पदाधिकारी नरेश घोघलिया ने याद दिलाया कि पिछले धरने के दौरान महापौर अनिता देवी अग्रवाल और विधायक प्रदीप बत्रा ने मांगे पूरी करने का लिखित/मौखिक आश्वासन दिया था। दैनिक वेतन में ₹100 की बढ़ोतरी और थर्ड-पार्टी व्यवस्था खत्म करने जैसी मुख्य मांगों को आज तक ठंडे बस्ते में रखा गया है। कर्मचारियों का कहना था कि निगम की अनदेखी के कारण ही वे सड़क पर उतरने को मजबूर हुए हैं।

विधायक उमेश कुमार की एंट्री से गरमाया मुद्दा, 362 की जगह 560 कर्मचारी तैनात
माहौल बढ़ता देख खानपुर विधायक उमेश कुमार भी निगम परिसर पहुंचे और कर्मचारियों की समस्याएं सुनीं। विधायक ने निगम में कर्मचारियों की अनिश्चित तैनाती पर सख्त रुख अपनाते हुए सहायक आयुक्त से स्थायी, आउटसोर्स और मोहल्ला समिति के कर्मचारियों की सूची तलब की।

शुरुआती जांच में सामने आया कि शासन से केवल 362 पद स्वीकृत हैं, जबकि धरातल पर लगभग 560 कर्मचारी तैनात दिखाए गए हैं। इस बड़े अंतर पर सवाल उठाते हुए विधायक उमेश कुमार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। उन्होंने ऐलान किया कि शनिवार दोपहर 1:30 बजे तक कर्मचारियों की मांगों का निस्तारण कराया जाएगा और तब तक धरना शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगा।

दूसरी ओर, मेयर पति ललित मोहन अग्रवाल ने दावा किया कि निगम प्रशासन मांगों को लेकर गंभीर है, लेकिन कर्मचारियों का यूं हड़ताल पर जाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि विधायक बोर्ड के पदेन सदस्य हैं और सभी मिलकर जल्द ही समाधान निकाल लेंगे।
विपक्ष और क्षेत्रीय नेताओं ने भी दिया समर्थन
मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। महानगर कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी (एडवोकेट) ने निगम प्रशासन को चेतावनी दी कि जब तक कर्मचारियों को लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक धरना समाप्त नहीं होगा। वहीं, जीएनपी पार्टी के रुड़की विधानसभा प्रत्याशी दीपक शर्मा ने कहा कि यदि तय समय तक मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो नगर निगम प्रशासन से सीधा जवाब-तलब किया जाएगा।

वार्ता के दौरान सहायक आयुक्त अमरजीत कौर, पार्षद राकेश गर्ग, आकाश जैन, सूरज नेगी, नवनीत शर्मा, और यूनियन नेता नरेश घोघलिया समेत कर्मचारी मौजूद रहे।
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