दैनिक रुड़की (योगराज पाल):::
रुड़की। बीटी गंज रामलीला महोत्सव के सातवें दिन बुधवार को रामलीला मंचन ने दर्शकों को पूरी तरह से भावुक कर दिया। पावन मंच पर जैसे ही प्रसंगों का जीवंत प्रदर्शन शुरू हुआ, पूरा पंडाल श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से खचाखच भर गया। दर्शकों का उत्साह और जोश देखते ही बनता था, हर कोई भगवान श्रीराम के इस ऐतिहासिक प्रसंग का साक्षी बनने के लिए बेताब दिखा।
बुधवार को लीला के मंचन की शुरुआत अत्यंत मनमोहक 'केवट संवाद और गंगापार' लीला से हुई, जहाँ भगवान श्रीराम के चरणों को धोने के लिए केवट की जिद और प्रेम ने दर्शकों की आंखें नम कर दीं। इसके पश्चात सुमंत वापसी और राजा दशरथ की मृत्यु के मर्मस्पर्शी दृश्य ने पूरे वातावरण को शोक में डुबो दिया। दर्शकों की दीर्घा में बैठे कई श्रद्धालुओं की आंखें राजा दशरथ के विलाप को देखकर छलक आईं।


रामलीला के अगले चरण में भरत-कैकई संवाद और सबसे मुख्य आकर्षण राम-भरत मिलाप की लीला का मंचन किया गया। भाई के प्रति प्रेम, त्याग और समर्पण के इस दृश्य को देख पूरा पंडाल जय श्री राम और भारत-लक्ष्मण की जय के जयकारों से गूंज उठा।


महामंत्री सौरभ सिंघल ने बताया कि रामलीला महोत्सव के सातवें दिन दर्शकों की भारी भीड़ ने यह साबित कर दिया कि रुड़की के लोगों में रामलीला के प्रति अटूट आस्था और प्रेम है। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए आयोजन समिति पूरी तरह मुस्तैद है और पुलिस प्रशासन का समिति को पूरा सहयोग मिल रहा है। इस मौके पर व्यापारी नेता अरविंद कश्यप,