
रावण के साधु वेश में छल से लेकर एआई और डीपफेक तक के उदाहरणों से सैकड़ों दर्शकों को किया जागरूक, ठगी होने पर 1930 पर शिकायत करने की अपील
दैनिक रुड़की (राहुल सक्सेना)::
बहादराबाद। रामलीला के मंच से बहादराबाद पुलिस ने साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता की अनूठी पहल की। रामायण के प्रसंगों को आधार बनाकर पुलिस ने लोगों को बताया कि जिस प्रकार रावण ने साधु का वेश धारण कर माता सीता को छलने का प्रयास किया था, उसी प्रकार आज साइबर अपराधी भी अलग-अलग पहचान बनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। पुलिस ने लोगों से डिजिटल दुनिया में सतर्क रहने और अपनी निजी व बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखने की अपील की।
त्योहारी सीजन में साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से उच्चाधिकारियों के निर्देश पर थाना बहादराबाद पुलिस ने यह अभियान चलाया। स्थानीय रामलीला मंचन के दौरान उप निरीक्षक हेमदत्त भारद्वाज ने सैकड़ों दर्शकों को साइबर ठगी के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी।
उन्होंने अरण्य कांड में माता सीता के हरण के प्रसंग का उदाहरण देते हुए बताया कि रावण ने वेश बदलकर छल किया था। इसी तरह आज साइबर ठग कभी बैंक कर्मचारी, कभी पुलिस या सीबीआई अधिकारी, कभी कस्टमर केयर प्रतिनिधि तो कभी रिश्तेदार बनकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं।
दस सिरों वाले रावण की तरह साइबर अपराधियों के भी ठगी करने के कई तरीके हैं। एआई, डीपफेक वीडियो, फर्जी लॉटरी, केवाईसी अपडेट और संदिग्ध लिंक के माध्यम से लोगों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ करने की कोशिश की जाती है।
साइबर सुरक्षा के लिए इन बातों का रखें ध्यान
उप निरीक्षक हेमदत्त भारद्वाज ने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, पासवर्ड या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और अनजान नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल पर भरोसा करने से बचें। फेसबुक और इंस्टाग्राम सहित सोशल मीडिया खातों पर मजबूत पासवर्ड रखें तथा दोहरी सुरक्षा व्यवस्था का इस्तेमाल करें।
उन्होंने एटीएम का प्रयोग करते समय अपना पिन गोपनीय रखने, अनजान व्यक्ति की सहायता लेने से बचने और नौकरी, लॉटरी या फर्जी ऋण के नाम पर दिए जाने वाले लुभावने प्रस्तावों से सतर्क रहने की अपील की। मोबाइल में अनजान ऐप डाउनलोड न करने और ऐसे ऐप से विशेष सावधानी बरतने को कहा, जिनके माध्यम से ठग मोबाइल का दूर से नियंत्रण हासिल कर सकते हैं।उन्होंने बताया कि एआई और डीपफेक के दौर में किसी परिचित या रिश्तेदार के दुर्घटनाग्रस्त होने अथवा तत्काल रुपये मांगने की सूचना मिलने पर बिना पुष्टि के पैसे न भेजें। संबंधित व्यक्ति से किसी दूसरे विश्वसनीय माध्यम से संपर्क कर जानकारी की पुष्टि जरूर करें।

ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत
पुलिस ने बताया कि साइबर धोखाधड़ी होने पर घबराने के बजाय तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा आधिकारिक वेबसाइट cybercrime.gov.in पर भी शिकायत की जा सकती है। समय रहते शिकायत करने से ठगी गई धनराशि को रोकने या वापस प्राप्त करने की संभावना बढ़ सकती है।बहादराबाद पुलिस ने लोगों से स्वयं जागरूक रहने के साथ ही अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर अपराधों के प्रति सचेत करने की अपील की। रामलीला जैसे लोकप्रिय सांस्कृतिक मंच पर धार्मिक प्रसंगों के साथ साइबर सुरक्षा का संदेश दिए जाने की रामलीला समिति और उपस्थित दर्शकों ने सराहना की।
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