
बीटी गंज रामलीला महोत्सव में वनवास से लेकर सीता हरण तक का हुआ सजीव मंचन, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने की शिरकत
दैनिक रुड़की (योगराज पाल)::
रुड़की। बीटी गंज रामलीला समिति के 107वें रामलीला महोत्सव में गुरुवार रात भगवान श्रीराम के वनवास काल के प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों ने महर्षि अत्रि और माता अनुसुइया के आश्रम में भगवान श्रीराम के आगमन और संवाद से लेकर अगस्त्य मुनि के आश्रम में पहुंचने, पंचवटी निर्माण, सूर्पणखा अंग भंग, खर-दूषण वध और माता सीता के हरण तक की लीलाओं का सजीव चित्रण किया। मंचन के दौरान दर्शक भगवान श्रीराम के जयकारे लगाते रहे और पूरा रामलीला परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।
मंचन के दौरान दिखाया गया कि वनवास के दौरान भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण विभिन्न ऋषि-मुनियों के आश्रमों में पहुंचते हैं। महर्षि अत्रि और माता अनुसुइया से भेंट के बाद वे अगस्त्य मुनि के आश्रम में पहुंचते हैं। इसके बाद पंचवटी में निवास के प्रसंग का मंचन हुआ। इसी दौरान सूर्पणखा का आगमन, लक्ष्मण द्वारा उसके अंग भंग, खर-दूषण के वध और अंत में रावण द्वारा छलपूर्वक माता सीता का हरण किए जाने के दृश्यों ने दर्शकों को रामायण की कथा से जोड़ दिया।

कार्यक्रम में पहुंचे कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि रामलीला हमारी समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। भगवान श्रीराम का जीवन हमें मर्यादा, त्याग, कर्तव्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। रामलीला के मंचन से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और भगवान श्रीराम के आदर्शों को समझने का अवसर मिलता है।

उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज में आपसी सद्भाव, एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करते हैं। रामलीला समितियां वर्षों से इस परंपरा को जीवंत रखने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं।मंच का संचालन समिति महामंत्री सौरभ सिंघल ने किया।
इस अवसर पर चेरब जैन,चौधरी धीर सिंह,सुशील त्यागी,अरविंद कश्यप,प्रदीप गोयल,नवनीत सिंघल,नितिन गोयल,पवन तोमर,विशाल गुप्ता,वरुण गोयल,अरविंद कश्यप,अनिल शुक्ला,प्रदीप परूथी,मनोज अग्रवाल,अभिषेक मित्तल,शिवम अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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