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10/21/2026 5:14:45 PM

गन्ना भुगतान और मिल की जमीन के मूल्यांकन तक जारी रहेगा धरना, किसान महापंचायत में सरकार को चेतावनी.... गुलशन रोड बोले- किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो तेज होगा आंदोलन, अधिकारियों ने दिया समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन....


दैनिक रुड़की (राहुल सक्सेना):::

रुड़की। उत्तराखंड किसान मोर्चा की ओर से बुधवार को एसडीएम चौक पर किसान महापंचायत का आयोजन किया गया। इसमें गन्ना भुगतान, बिजली विभाग की छापेमारी, स्मार्ट मीटर, सिंचाई के पानी, चकबंदी विभाग और सड़क निर्माण सहित किसानों से जुड़ी विभिन्न समस्याएं प्रमुखता से उठाई गईं। महापंचायत में मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड ने सरकार पर किसानों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। वहीं, अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने और गन्ना मिल की भूमि का मूल्यांकन कराने का आश्वासन दिया। महापंचायत के बाद निर्णय लिया गया कि तहसील में पिछले 62 दिनों से चल रहा धरना मिल की भूमि का मूल्यांकन होने तक जारी रहेगा।




राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड ने कहा कि किसान मोर्चा पिछले दो महीने से तहसील में धरना दे रहा है। इस दौरान मोर्चा का प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी, गन्ना मंत्री और मुख्यमंत्री से मिलकर समस्याओं से अवगत करा चुका है। सभी स्तरों पर गन्ना भुगतान समेत अन्य समस्याओं के समाधान का ठोस आश्वासन मिला, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि चीनी मिलों और सरकार की मिलीभगत के कारण वर्षों से बकाया गन्ना भुगतान नहीं हो पा रहा है। किसानों को उनका पैसा दिलाने में सरकार की कोई रुचि नहीं है। उन्होंने कहा कि किसान अपना गन्ना भुगतान लेकर रहेंगे, इसके लिए चाहे कितना भी बड़ा आंदोलन क्यों न करना पड़े।


उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, लेकिन आज किसान अपनी फसल का उचित मूल्य पाने के लिए भी भटक रहे हैं। सचिवालय में बैठा एक अधिकारी पूरे प्रदेश को चला रहा है। दिल्ली में मांगों को लेकर धरना दे रहे युवाओं पर लाठीचार्ज का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को डराने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। किसान और युवा अपने अधिकारों की लड़ाई से पीछे हटने वाले नहीं हैं।

 बिजली विभाग, स्मार्ट मीटर और सिंचाई का मुद्दा उठाया...

गुलशन रोड ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि विभाग किसानों के घरों पर छापेमारी करता है, जबकि उद्योगपतियों के यहां कार्रवाई नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि छापेमारी के दौरान अपनी मर्जी से ओवरलोड दिखाकर किसानों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाते हैं। उन्होंने विभाग से ऐसे सभी मामलों की सूची उपलब्ध कराने की मांग की और कहा कि जांच के दौरान वीडियोग्राफी के बिना मुकदमे दर्ज नहीं किए जाने चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश की तर्ज पर किसानों के ट्यूबवेल की बिजली मुफ्त करने की मांग भी उठाई।


उन्होंने कहा कि किसान पिछले तीन वर्षों से स्मार्ट मीटर के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं, इसके बावजूद विभाग मीटर लगा रहा है। इस पर अधीक्षण अभियंता ने स्पष्ट किया कि कोई प्रीपेड मीटर नहीं लगाया जा रहा है। मोर्चा अध्यक्ष ने चकबंदी विभाग पर किसानों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि नहरों और राजवाहों से सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। उन्होंने दीपावली से पहले नहरों, राजवाहों और नालों की सफाई कराने की मांग की।

 एचआरडीए पर भ्रष्टाचार के आरोप, नक्शे की पाबंदी हटाने की मांग...

गुलशन रोड ने हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण में लोग आपसी रंजिश के चलते शिकायतें कराते हैं और कार्रवाई करवाते हैं। उन्होंने एक हजार वर्गफुट तक के मकानों के नक्शे बनवाने की पाबंदी खत्म करने की मांग की।


उन्होंने कहा कि सरकार के मंत्रियों की संपत्तियों की जांच होनी चाहिए। मंत्री रेखा आर्य के पति की ओर से उनकी संपत्ति को लेकर किए गए दावे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सभी मंत्रियों की निष्पक्ष जांच होने पर बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा हो सकता है। उन्होंने किसानों से धर्म और जाति से ऊपर उठकर एकजुट होने तथा किसान के रूप में मतदान करने की अपील की।


उन्होंने जिले में पहाड़वाद को बढ़ावा दिए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि मैदानी क्षेत्र के किसान एकजुट नहीं हुए तो उनके हितों की लड़ाई लड़ने वाला कोई नहीं बचेगा।



सड़क के साथ नाले बनाने की मांग...

मोर्चा अध्यक्ष ने लोक निर्माण विभाग की ओर से अब्दुल कलाम चौक से कोर तक बनाए जा रहे फोरलेन मार्ग के साथ नालों का निर्माण कराने की मांग उठाई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सड़क के साथ नाले नहीं बनाए गए तो किसान निर्माण कार्य नहीं होने देंगे। इस पर लोक निर्माण विभाग की सहायक अभियंता दीपा सिंह ने सड़क के साथ नालों का निर्माण कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने चौराहों पर लगाए गए कैमरों के माध्यम से वाहनों के चालान काटे जाने पर भी आपत्ति जताई और इस व्यवस्था पर रोक लगाने की मांग की।


मिल की भूमि का मूल्यांकन कराने का आश्वासन...

गन्ना भुगतान के मुद्दे पर जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि चीनी मिल को नीलाम करने के लिए उसका मूल्यांकन कराने के संबंध में राष्ट्रीय शुगर बोर्ड से पत्राचार किया जा रहा है। मूल्यांकन के लिए करीब एक लाख 65 हजार रुपये जमा कराने होंगे। इसके बाद बोर्ड की ओर से दो सप्ताह में मूल्यांकन जारी किए जाने की बात कही गई है।

भगवानपुर के उपजिलाधिकारी देवेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि मिल की भूमि बेचने पर भी विचार किया जा रहा है। भूमि को सर्किल रेट के बजाय बाजार मूल्य पर बेचने की प्रक्रिया पर विचार चल रहा है। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन के बाद यदि भूमि बेचने से मिलने वाली धनराशि से किसानों और बैंकों का बकाया भुगतान संभव होता है तो इस दिशा में कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों को एक सप्ताह के भीतर भूमि का मूल्यांकन कराने का आश्वासन दिया।


रुड़की के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र शेट ने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि किसानों का बकाया भुगतान हो और चीनी मिल दोबारा चल सके, ताकि भविष्य में किसानों को गन्ना बेचने में परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि महापंचायत में उठाई गई मांगों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा। अधिकारियों ने बिजली विभाग, लोक निर्माण विभाग और विकास प्राधिकरण से संबंधित मामलों में भी अपना पक्ष रखा।

अधिकारियों की मौजूदगी में आंदोलन जारी रखने का निर्णय...

महापंचायत में अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र शेट, भगवानपुर के उपजिलाधिकारी देवेंद्र सिंह नेगी, एसपी देहात अभय सिंह, विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता हरिद्वार संदीप चौधरी, रुड़की के अधीक्षण अभियंता विनोद पांडेय, तहसीलदार विकास अवस्थी, एआरटीओ केके पलड़िया और पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. रोहित सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


कार्यक्रम का संचालन दीपक पुंडीर ने किया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष महकार सिंह, राष्ट्रीय सलाहकार धर्मेंद्र सिंह, पवन त्यागी, समीर आलम, मुनेश त्यागी, संजय और फकरे आलम सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।


महापंचायत के अंत में किसान मोर्चा ने निर्णय लिया कि तहसील में 62 दिनों से चल रहा धरना चीनी मिल की भूमि का मूल्यांकन होने तक जारी रहेगा। मोर्चा ने स्पष्ट किया कि किसानों के बकाया भुगतान और अन्य समस्याओं का समाधान होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

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