
दैनिक रुड़की (इकराम अली)::
कलियर/धनौरी। हरिओम सरस्वती पीजी कॉलेज धनौरी में शुक्रवार को उत्तराखंड पुलिस की ओर से साइबर अपराध और नशा मुक्ति जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध के तरीकों और उनसे बचने के उपायों की जानकारी दी गई। अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन ने कहा कि साइबर अपराध से बचने के लिए जागरूकता और सतर्कता बेहद जरूरी है। युवाओं को खुद जागरूक होने के साथ ही समाज के अन्य लोगों को भी साइबर अपराध के प्रति जागरूक करना चाहिए।
कार्यक्रम में देहरादून से पहुंची साइबर क्राइम ब्रांच की टीम ने लघु फिल्मों और चित्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक किया। सेमिनार हॉल में प्रोजेक्टर पर फिल्में दिखाकर साइबर अपराध से बचाव के बारे में बताया गया। टीम ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाने के लिए भी प्रेरित किया। एडीजी डॉ. वी. मुरुगेशन ने छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद किया। उन्होंने नशे के दुष्प्रभाव और समाज में इसकी रोकथाम में युवाओं की भूमिका को लेकर सवाल पूछे। विद्यार्थियों ने उनके सवालों के जवाब दिए। ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं की प्रतिभा देखकर एडीजी ने उनका उत्साह बढ़ाया।उन्होंने कहा कि युवाओं के सहयोग से नशे की समस्या पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
नशे का दुष्प्रभाव पूरे परिवार को झेलना पड़ता है। वहीं, एसएसपी नवनीत सिंह ने विद्यार्थियों से नशे के खिलाफ पुलिस का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशे का कारोबार करने वालों की जानकारी पुलिस को दें, ताकि उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सके।महाविद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हर्ष सैनी और सचिव डॉ. आदित्य सैनी ने एडीजी और एसएसपी का स्वागत किया। अतिथियों ने महाविद्यालय के संस्थापक स्वर्गीय डॉ. तेजवीर सिंह सैनी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए।इस दौरान एसपी ग्रामीण अभय सिंह, सहायक पुलिस अधीक्षक देवव्रत जोशी, प्राचार्य डॉ. मुनेन्द्र सिंह, डॉ. अंजलि राठौर, डॉ. निशा रानी, डॉ. सरिता चंद्र, डॉ. राहुल देव और अंकेश चौहान सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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