
रामपुर तिराहा कांड पर भाजपा मंत्री के बयान को बताया भ्रामक, केदारनाथ आपदा में 25 करोड़ रुपये की मदद का दिया हवाला
दैनिक रुड़की (राहुल सक्सेना)::
देहरादून। समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रदेश महासचिव समीर आलम ने अखिलेश यादव और स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव को लेकर भाजपा नेताओं की ओर से दिए जा रहे बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने उत्तराखंड के राज्य मंत्री शादाब शम्स पर रामपुर तिराहा कांड को लेकर भ्रामक प्रचार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अखिलेश यादव ने कभी देवभूमि उत्तराखंड का अपमान नहीं किया। भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़कर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।


समीर आलम ने कहा कि अखिलेश यादव की टिप्पणी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों और नोएडा के कुछ पत्रकारों को लेकर थी, न कि उत्तराखंड की जनता के खिलाफ। भाजपा इस बयान को गलत तरीके से पेश कर रही है। उन्होंने शादाब शम्स के रामपुर तिराहा कांड संबंधी बयान को निराधार बताते हुए उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
उन्होंने कहा कि जून 2013 में केदारनाथ आपदा के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने उत्तराखंड को 25 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी थी। इसके अलावा आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत सामग्री, खाद्य पदार्थ, पानी, कंबल और दवाइयां भी भेजी गई थीं। समीर आलम ने कहा कि उत्तराखंड की आपदा के समय मदद करने वाले अखिलेश यादव पर सवाल उठाने से पहले भाजपा नेताओं को तथ्यों पर विचार करना चाहिए।

समीर आलम ने कहा कि यादव परिवार का उत्तराखंड से गहरा पारिवारिक और आत्मीय संबंध है। अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव उत्तराखंड की बेटी हैं। ऐसे में देवभूमि के अपमान का आरोप लगाना पूरी तरह अनुचित है।उन्होंने भाजपा से झूठे प्रचार की राजनीति बंद करने की अपील करते हुए कहा कि उत्तराखंड की जागरूक जनता सच्चाई समझती है और समय आने पर इसका जवाब देगी।

तथ्यों के आधार पर बात करें शादाब शम्स..
समीर आलम ने कहा कि जब रामपुर तिराहा कांड हुआ था, उस समय शादाब शम्स के पिता शमशुद्दीन को मुलायम सिंह यादव के करीबी लोगों में गिना जाता था। ऐसे में शादाब शम्स के आरोपों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि यदि वह इस मामले में मुलायम सिंह यादव को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, तो उन्हें यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि उस समय उनके पिता की भूमिका को लेकर उनका क्या कहना है। समीर आलम ने भाजपा मंत्री पर राजनीतिक लाभ के लिए इस संवेदनशील मामले को उठाने का आरोप लगाया और कहा कि किसी पर भी आरोप लगाने से पहले तथ्यों के आधार पर बात करनी चाहिए।
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