
किसानों के मुद्दों पर विपक्ष का साथ नहीं मिलने से आहत, भाजपा-कांग्रेस दोनों से बनाई दूरी; जन निर्माण पार्टी से चुनाव लड़ने की अटकलें तेज
दैनिक रुड़की (राहुल सक्सेना)::
रुड़की। उत्तराखंड की खानपुर विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने का ऐलान कर प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। गैरसैंण के भराड़ीसैंण में चल रहे विधानसभा सत्र के दौरान उन्होंने यह घोषणा की। उमेश कुमार ने कहा कि जनता और खासकर किसानों की फसलों को हुए नुकसान से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष ने उनका साथ नहीं दिया। इससे वह व्यथित हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह न तो कांग्रेस में शामिल होंगे और न ही भारतीय जनता पार्टी का दामन थामेंगे।


उमेश कुमार के इस ऐलान के बाद उनकी आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। दरअसल, उनकी पत्नी की ओर से करीब चार माह पूर्व जन निर्माण पार्टी का गठन किया गया था। पार्टी के गठन के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में यह कयास लगाए जा रहे थे कि उमेश कुमार आगामी विधानसभा चुनाव में इसी पार्टी के प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतर सकते हैं। अब भाजपा और कांग्रेस से दूरी बनाए रखने के उनके बयान ने इन अटकलों को और हवा दे दी है।


2022 में निर्दलीय चुनाव जीतकर सबको चौंकाया था
उमेश कुमार ने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में खानपुर सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में उन्होंने चार बार के विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन की पत्नी और भाजपा प्रत्याशी कुंवरानी देवयानी को हराकर जीत दर्ज की थी। उनकी इस जीत को क्षेत्र की राजनीति में बड़े उलटफेर के रूप में देखा गया था। निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में विधानसभा पहुंचकर उन्होंने अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया था।

लोकसभा चुनाव में नहीं मिला अपेक्षित समर्थन
विधानसभा चुनाव में जीत के बाद उमेश कुमार ने वर्ष 2024 में हरिद्वार लोकसभा सीट से भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा। हालांकि, लोकसभा चुनाव में उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। उन्हें करीब एक लाख मत प्राप्त हुए, जबकि उनकी अपनी खानपुर विधानसभा सीट पर भी उन्हें लगभग 16 हजार मत ही मिले। लोकसभा चुनाव के परिणामों ने उनकी राजनीतिक लोकप्रियता और चुनावी संभावनाओं को लेकर नए सवाल खड़े किए थे।

अब विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के ऐलान और जन निर्माण पार्टी को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच उमेश कुमार की अगली राजनीतिक चाल पर सबकी नजरें टिकी हैं। यदि वह जन निर्माण पार्टी के साथ आगे बढ़ते हैं, तो उत्तराखंड की राजनीति में एक नए राजनीतिक विकल्प को खड़ा करने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, उनकी आगे की रणनीति और इस्तीफे की औपचारिक प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
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