दैनिक रुड़की (योगराज पाल):::
रुड़की। मदरहुड यूनिवर्सिटी, फार्मास्यूटिकल साइंसेज संकाय और आरआईएमएस स्प्लिट कैंपस ने 06 मार्च 2025 को डी-ब्लॉक सेमिनार हॉल, में राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षा दिवस मनाया गया। फार्मा अन्वेषण 2025 कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रोफेसर डॉ नरेंद्र शर्मा कुलपति ने नवाचार, इनक्यूबेशन सेंटर और फार्मास्युटिकल स्टार्टअप पर अपने वक्तव्य एवं विचारो से छात्रों को प्रेरित किया।
प्रोफेसर एम.एल. श्रॉफ की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। वे एक दूरदर्शी और अग्रणी व्यक्ति थे, और उन्हें भारत में फार्मास्युटिकल शिक्षा की नींव रखने का श्रेय दिया जाता है। उनके समर्पण, दूरदर्शिता और देशभक्ति की भावना के कारण 1937 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में पहला पूर्ण विकसित तीन वर्षीय बैचलर ऑफ फार्मेसी कोर्स शुरू किया गया।
फार्मा अन्वेषण 2025 राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षा दिवस, एक प्रतिष्ठित कार्यक्रम है, जो फार्मास्युटिकल क्षेत्र में नवाचार, अनुसंधान और उद्यमशीलता की भावना को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। इस कार्यक्रम में युवा मस्तिक्ष को स्टार्टअप, इनक्यूबेशन सेंटर और फार्मेसी उद्यमिता के क्षेत्र का पता लगाने के लिए प्रोत्साहित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाता है , यह कार्यक्रम छात्रों, शिक्षाविदों और उद्योग विशेषज्ञों को एक साथ लानेका कार्य करता है।
कार्यक्रम का उद्देश्य फार्मेसी के छात्रों, शोधकर्ताओं और पेशेवरों को नवीन विचारों और शोध निष्कर्षों को साझा करने के लिए एक मंच प्रदान करना तथा फार्मास्युटिकल उद्योग और स्वास्थ्य सेवा में हितधारकों के बीच सहयोग और नेटवर्किंग को बढ़ावा देना है । इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में छात्रों द्वारा पोस्टर और मॉडल प्रस्तुत किए गये । शोध विद्वानों एवं छात्रों के द्वारा फार्मेसी क्षेत्र में नवीन विचारों और शोध को प्रस्तुत किया। फार्मा और फार्मेसी प्रैक्टिस में उद्यमिता और स्टार्टअप: नवाचार, इनक्यूबेशन सेंटर और फार्मास्युटिकल स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के विषय पर चर्चा की गई । पोस्टर/मॉडल/वाद-विवाद प्रतियोगिता में अल्पना कुमारी बीफार्मा ll वर्ष ने वाद-विवाद में प्रथम स्थान ,ज़ीनत फ़ारूक़ी बीफार्मा II वर्ष पोस्टर मेकिंग में प्रथम स्थान, तथा मॉडल प्रस्तुतीकरण मै सवि एवं मुस्कान बीफार्मा - I वर्ष ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। साथ ही छात्र -छात्राओ ने यह भी शपथ ली कि वे अपनी क्षमता के अनुसार अपने देश को नशा मुक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।कार्यक्रम के दौरान फार्मास्युटिकल साइंसेज के संकाय के प्राचार्य प्रो. एम. कन्नादासन सहित सभी संकाय सदस्य छात्रों की प्रेरणा के लिए उपस्थित थे।
© Dainik Roorkee. All Rights Reserved. Design by Xcoders Technologies