

दैनिक रुड़की (फिरोज खान):::
मंगलौर। लंढौरा रोड स्थित एक बाग से दो दिनों में तीस से अधिक आम के हरे पेड़ बाग माफियाओं ने काट डाले। इतना ही नहीं जमीन को समतल कर इस पूरे कारनामे को छिपाने का प्रयास भी किया गया। वहीं उद्यान विभाग इस मामले से अनभिज्ञता जताता नजर आया।


मंगलोर क्षेत्र को किसी समय आम के बागों का हब माना जाता था सबसे अधिक आम की पैदावार के रूप में गिने जाने वाले इस क्षेत्र में आम के शौकीन बागो का भ्रमण करते नजर आते थे। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से इस क्षेत्र से आम के बाग लगातार कम होते आ रहे हैं आम के बाग की भूमि को कमर्शियल या कॉलोनी बसाने के लिए इस्तेमाल किए जाने लगा है। इसी कड़ी में बीते दो दिनों के अंदर मंगलौर के लंढौरा रोड पर वन माफियाओं ने आम के लगभग 30 हरे पेड़ो को काट डाला। इतना ही नहीं पेड़ो को काटने के साथ उनकी लकड़ियों को ठिकाने लगाने में मौके से भी माफियाओं ने बहुत फुर्ती दिखाई।
इसके साथ ही वन माफियाओं ने वहाँ हल बहा कर ज़मीन को समतल दिखाने का प्रयास भी किया। मौके पर कवरेज के लिए पहुंची मीडिया को केवल पेड़ की कुछ जड़ें एवं पत्ते ही पड़े नजर आए। मीडिया कर्मियों के द्वारा जब इस संबंध में उद्यान अधिकारी नरेश कुमार को सूचना दी गई पर वह व्यस्त होने की बात कहकर मामले को टालते आ रहे है।
वही हरिद्वार जिला उद्यान अधिकारी तेजपाल से इस मामले में जानकारी लेनी चाही तो उन्होंने भी किसी तरह की कोई जानकारी देने से साफ मना कर दिया। वन विभाग द्वारा मंगलौर वन चौकी में मौजूद धीरज राणा से पेड़ो के सम्बंध में जानकारी लेनी चाही तो उन्होंने भी पूरे मामले को लेकर अनभिज्ञता ज़ाहिर की।

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