खराब निकले ब्रोकली के बीज ने किसानों की मेहनत और उम्मीदों पर फेरा पानी.......

dainik roorkee February 04, 2021

दैनिक रुड़की। (कृष्ण पुरी गोस्वामी)::::
धनौरी।
आसमान से छूटे खजूर पर अटके। जी हां ऐसी ही कुछ हालत है किसानो की खराब हुई ब्रोकली की फसल की। उद्यान विभाग की लापरवाही और गैरजिम्मेदारी किसानों की आजीविका पर भारी पड़ रही है। और उद्यान विभाग द्वारा किसानों को निम्न गुणवत्ता का बीज दिए जाने का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। किसानों ने उद्यान अधिकारी को ज्ञापन भेजकर उचित मुआवजे की मांग की है।जनपद हरिद्वार की रुड़की तहसील के धनौरी क्षेत्र के किसानों ने ब्रोकली की नगदी फसल की खेती इस उम्मीद से की थी कि उनकी आर्थिक मजबूत होगी और घर का खर्चा भी चलेगा साथ ही दवा खाद का व्यय भी वसूल होगा । लेकिन उन्हें क्या पता था की उद्यान विभाग ने जो ब्रोकली का कथित बीज उन्हें उपलब्ध करवाया है वह निम्न गुणवत्ता का होगा और उनकी मेहनत और उम्मीद पर पानी फेर देगा।बताते चलें कि उद्यान विभाग ने धनौरी क्षेत्र के काश्तकारों को क्षेत्र में निशुल्क ब्रोकली का बीज देकर दावा किया था कि यह उत्तम गुणवत्ता का बीज है इससे पैदावार अच्छी होगी और उन्नत गुणवत्ता के फल लगने से बाजार में इसकी मांग काफी है जो कम लागत पर अधिक उत्पादन देता है। जिससे आर्थिकी को संभल मिलेगा और आय अर्जित करने का एक बड़ा जरिया साबित होगा।
लेकिन वक्त ने विभाग के सारे दावे और बीज की हकीकत की पोल खोलकर रख दी। दिन रात पसीने से नहाने वाले किसानों के खून पसीने मेहनत मिट्टी में मिल गई। बीज और फल इतना घटिया निकला कि किसानों को ब्रोकली खेत में ही छोड़ने को मजबूर होना पड़ रहा हैं। ब्रोकली के पौधे व उस पर लगे निम्न गुणवत्ता की ब्रोकली जिसकी कोई बाजार वैल्यू नहीं हैं।
किसानों ने जब विभाग को अवगत कराया तो टीम ने खानपूर्ति के लिए खेतों का निरीक्षण तो किया लेकिन किसानों को क्षतिपूर्ति की कोई भरपाई नही की और न ही मुआवजा ही दिया गया । इस बावत दौलतपुर गांव के किसान राजपाल राणा ने बताया कि विभाग द्वारा उन्हें जो ब्रोकली का बीज दिया गया था वह घटिया गुणवत्ता का निकला जिससे उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ा।
फसल जब फलन में आई तो उसका फल बेकार निकला जो घटिया गुणवत्ता के चलते बाजार भाव की प्रतिस्पर्धा में पीट गया । घटिया उत्पादन के जलते ब्रोकली तोड़ना ही छोड़ दिया हैं। किसानों ने मुख्य उद्यान अधिकारी को ज्ञापन भेजकर उचित मुआवजा दिये जाने की मांग की है ।इस संबंध में जब काश्तकारों ने धनौरी के उधान विभाग के वरिष्ठ उप निरीक्षक मासूम अली को खेत का मुयायना कराया तो उन्होंने बताया कि इस बावत उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा रहा हैं।

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