बीएसआई के संस्थापक चैयरमैन चैयरमैन स्वर्गीय रूपचंद शर्मा की पुण्यतिथि पर बेबिनार का आयोजन-विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति रहे शामिल....

dainik roorkee March 14, 2021

दैनिक रुड़की (दीपक अरोड़ा)::

रूड़की
। बिशम्भर सहाय ग्रुप के संस्थापक चैयरमैन स्वर्गीय रूप चंद शर्मा एवं संस्थान के संस्थापक की 11 वीं पुण्यतिथि पर 11 नेशनल वेबीनार का आयोजन संस्थान में किया गया। जिसमें कई विश्वविद्यालयों के कुलपति महोदय एवं कुलसचिव साथ ही शिक्षा जगत की कई विभूतियां व आईआईटी के पीएचडी के शोधार्थी यो ने प्रतिभाग कर छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन किया।


इस अवसर पर संस्थान के सचिव चंद्र भूषण शर्मा ने कहा कि जिन उद्देश्यों के लिए स्वर्गीय पंडित रूप चंद शर्मा ने महाविद्यालय की स्थापना की थी आज उन सब उद्देश्यों को संस्थान पूरा कर रहा है। कोषाध्यक्ष श्री सौरभ भूषण शर्मा ने कहा कि संस्थान की प्रबंध समिति का एक ही उद्देश्य है कि कम पूंजी में उत्तम कोटि कि शिक्षा अपने क्षेत्र के विद्यार्थियों को प्रदान की जा सके उसके लिए संस्थान कटिबद्ध है। आज कला संकाय हो ,वाणिज्य संकाय हो ,स्वास्थ्य संकाय हो या फिर तकनीकी संकाय हो उन सब की शिक्षा अब हमारे संस्थान में विद्यार्थियों को दी जा रही है। मैनेजिंग डायरेक्टर गौरव भूषण शर्मा ने कहा कि आज का युग आधुनिक युग है पल पल शिक्षा के क्षेत्र में नए-नए परिवर्तन हो रहे हैं विद्यार्थियों को चाहिए कि वह किताबी ज्ञान के साथ-साथ सोशल मीडिया व इंटरनेट के माध्यम से भी शिक्षा ग्रहण करें। उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति नरेंद्र चौधरी ने कहां की कोरोना काल में शिक्षा प्रधान कि जा रही है कहीं कठिनाइयों भी हमने नये माध्यमों का बेहतर प्रयोग किया है अब इसे और उपयोगी बनाया जाना चाहिए इसके द्वारा हमें शिक्षक आसान और उपयोगी भूमिका में लेकर आना है। पूर्व कुलपति ऑफिसर पीके गर्ग ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहां कि हमें शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ और मस्तिष्क को भी स्वस्थ रखने की आवशकता है स्वच्छ मस्तिष्क से अच्छे विचार जन्म लेते हैं जिनसे नए-नए आविष्कार निकलते हैं।
संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलसचिव गिरीश चंद्र अवस्थी ने कहा की जैसे उन्नत तकनीक का प्रयोग आवश्यकता बन गया है वैसे ही इसके दुष्परिणाम भी सामने आ रहे हैं कई बार विद्यार्थी प्रमाणिकता के साथ कार्य नहीं करते हैं जिससे उनकी कुशलता प्रभावित होती है इस पर भी विचार और नीति बनाने की आवश्यकता है।
श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के पूर्व कुलसचिव डॉक्टर दीपक भट्ट कहा की यदि हम उन तकनीकों का प्रयोग करते हैं जो आधुनिक जगत में आवश्यक हैं तो उनके लिए हमें आधुनिक लैबोरेट्रीया तथा ट्रेनिंग की भी व्यवस्था करने की आवश्यकता है जिससे उनका प्रयोग दक्षता के साथ किया जा सके। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के कंप्यूटर विभागाध्यक्ष डॉक्टर में अग्रवाल, द्वाराहाट शाखा तकनीकी विश्वविद्यालय के डायरेक्टर वीएम मिश्रा ने बताया की सरकार ने एनसीईआरटी के द्वारा डिजिटल लाइब्रेरी की शुरुआत की है जिसमें लगभग 50 लाख विद्यार्थियों ने अभी तक रजिस्ट्रेशन कराया है और 20 लाख विद्यार्थी उसका लाभ ले पा रहे हैं। आईआईटी रुड़की के पीएचडी के छात्र विशाल विशाल कुमार गॉड ने कहा की यूएन द्वारा जारी रिपोर्ट से स्पष्ट है कि कोरोना शिक्षा को बहुत प्रभावित किया है परंतु धीरे धीरे वापस शिक्षा में सुधार किया जा रहा है जल्द ही चीजें भी सामान्य हो जाएंगी और शिक्षा दोबारा से उसी गति के साथ आगे बढ़ेगी। अश्ववनी कुमार ने पीपीटी के माध्यम से कोरोना पैंडेमिक के प्रभावों को विद्यार्थियों के सम्मुख रखा और यह समझाने का प्रयास किया की कैसे शिक्षा के स्तर में बदलावों की संभावना है। अक्षय पांण्ये ने शिक्षा के महत्व देश की स्थिति विश्व स्तर पर बताते हुए यह स्पष्ट किया कि भारत हमेशा से उन्नत शिक्षा प्रदान करने में अग्रणी रहा है।
निम्न वक्ताओं का विद्यार्थियों को मार्गदर्शन संस्थान छात्र छात्राओं को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर विवेक विरुद्ध सुनील चौहान शाहजेब आलम, दिवाकर जैन, एमएच अंसारी, हिमांशु, प्रवीण, हुमा ,शाहीन, मंजू ,शेंवी, पारुल, आदि उपस्थित रहे।

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