राजस्व माफ न हुए तो कर्जे में डूब जाएंगे शराब कारोबारी-आत्महत्या करने को होंगे मजबूर.......

dainik roorkee April 28, 2021

दैनिक रूड़की (राहुल सक्सेना)::

रूड़की।
हरिद्वार जनपद के शराब कारोबारियों ने कहा कि अगर राजस्व माफ न हुआ तो वह कर्जे में डूब जाएंगे और आत्महत्या करने को मजबूर होना पड़ेगा।


शराब कारोबारियो की एक बैठक नेहरूनगर स्थित कार्यालय पर हुई।
इस दौरान कारोबारियों ने कहा कि आबकारी नीति वर्ष 202-22 व 23 वर्ष के लिए दुकानों को बढ़ा चढ़ाकर टेंडर के माध्यम से आवंटित करवाया था जिसमें दुकानों को ले जाने का समय प्रातः 10 बजे से रात्रि 11 बजे तक था व ग्रामीण क्षेत्रों में समय प्रातः 10 बजे से रात्रि 10 बजे तक था लेकिन कोविड की दूसरी लहर में शासन द्वारा लगाए गए कोविड कर्फ्यू के दौरान शराब दुकानों पर लगाए गए प्रतिबंध के कारण शराब कारोबारियों को राजस्व चुकाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार समय-समय पर अलग-अलग एसओपी जारी कर रही है जिसके कारण दुकानें लगातार बन्द रही हैं उन्होंने कहा जो कि प्रतिदिन एक करोड़ रुपए के लगभग का है। उन्होंने मांग की कि अगर दुकानें पूर्ण रूप से बंद की गई है तो अधिभार भी पूरी तरह माफ किया जाए अन्यथा शराब कारोबारी भारी कर्जे में डूब जाएंगे और उनके सामने आत्महत्या के अलावा कोई और चारा नहीं होगा। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि उत्तराखंड के समस्त ठेकेदारों ने कोविड-19 महामारी में कोई टैक्स लगभग 40 करोड व हजारों करोड़ का राजस्व सरकार को दिया अगर शराब ठेकेदार नही होंगे तो यह राजस्व कौन देगा। बैठक में प्रवीण कुमार ,योगेंद्र कुमार, नितिन कर्णवाल ,मोहित जयसवाल ,विजय चौधरी, सागर ,मनोज तोमर, देवेंद्र राणा व योगेंद्र सिंह आदि लोग उपस्थित है।

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