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केंद्रीय मंत्री ने आईआईटी खड़गपुर में नए छात्रावासों का एवं अंतरराष्ट्रीय अतिथि आवासीय परिसर का शिलान्यास किया...

Dainik roorkee October 16, 2020

दैनिक रूड़की (राहुल सक्सेना)::

रूड़की।
देश के शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने आज वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के द्वारा आईआईटी खड़गपुर में नए छात्रावासों का एवं अंतरराष्ट्रीय अतिथि आवासीय परिसर का शिलान्यास किया और संस्थान के कर्मचारियों को संबोधित किया।

इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री संजय धोत्रे,आईआईटी खड़गपुर के निदेशक प्रो.वीके तिवारी,उपनिदेशक प्रो. एस के भट्टाचार्य, प्रो. खनीन्द्र पाठक, प्रो. सोमेश कुमार, प्रो देबाशीष, प्रो देसाई, तमाल नाथ, तथा संकाय के अन्य सदस्य, स्टाफ एवं छात्र सोशल मीडिया पर लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम से जुड़े।

छात्रावासों एवं अंतर्राष्ट्रीय अतिथि आवासीय परिसर के शिलान्यास के अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम को भी याद करते हुए कहा, "आदरणीय डॉ कलाम की जयंती पर अंतरराष्ट्रीय अतिथि आवासीय परिसर का उद्घाटन करना बड़े हर्ष का विषय है. इसके साथ ही सावित्रीबाई फुले जैसी प्रेरक व्यक्तित्व के नाम तथा सर्वप्रिय, सर्वमान्य भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेई जी के नाम पर छात्रावासों का शिलान्यास इस खुशी को दोगुना कर देते हैं। इसके लिए उन्होनें आईआईटी खड़गपुर की पूरी टीम को बधाई भी दी।
शिक्षा मंत्री ने डॉ. कलाम के विचारों को सबके सामने रखा और कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि आईआईटी खड़गपुर समेत भारत के सभी शिक्षण संस्थान डॉ कलाम के विचारों को ध्यान में रखेंगे और अपने व्यवहारिक जीवन में उतार कर उन्हें सच्चा सम्मान देते रहेंगे।

डॉ निशंक ने कहा, "आईआईटी खड़गपुर आईआईटी प्रणाली की जननी है. 1951 में मात्र 224 छात्रों के साथ शुरुआत कर आज 70 वर्षों की अवधि में लगभग 13000 छात्रों की संख्या तक पहुंचने में आईआईटी खड़गपुर ने एक लंबा सफर तय किया है. ऐसे में महिलाओं और पुरुषों के लिए 500-500 सीटों की क्षमता वाले हॉस्टल तथा 100 की क्षमता वाले अंतरराष्ट्रीय आवासीय परिसर का निर्माण एक प्रशंसनीय कदम है।

इसके अलावा केंद्रीय मंत्री ने आईआईटी खड़गपुर द्वारा कोरोना संकट से निबटने में किए गए कार्यों की सराहना की। उन्होनें कहा, "आईआईटी खड़गपुर ने टेलीमेडिसिन सॉफ्टवेयर ‘आईमेडिक्स’, एआई तथा आईओटी पर आधारित ‘क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज’ के रोगियों को कोविड के दौरान दो-दो बीमारियों के साथ-साथ होने से बचाने हेतु एक नैदानिक उपकरण, दर्द रहित ‘ट्रांसडर्मल दवा वितरण प्रणाली’ जिसमें सूक्ष्म सुईया और सूक्ष्मपंप शामिल है तथा सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ का पता लगाने, उन्हें सतर्क करने के लिए ‘पी-मॉनिटर’ नामक सोशल डिस्टेंसिंग मॉनिटर डिवाइस एवं वायरल परीक्षण के लिए नई तकनीक का विकास किया जो कि बेहद सराहनीय है।

इसके अलावा उन्होनें आईआईटी खड़गपुर द्वारा शिक्षण अध्यापन के लिए ई-क्लासरूम सॉफ्टवेयर- ‘दीक्षक’ (Deekshak), गांधीपीडिया, P-3 सर्जिकल मास्क हेतु स्टार्टअप का विकास, कम लागत के पॉलीअनसैचुरेटेड, एंटीऑक्सीडेंट युक्त ‘वनस्पति तेल पाउडर’ बना तथा किसानों को सलाह एवं मार्गदर्शन देने हेतु ‘ग्रामीण कृषि मौसम सेवा’ को आरंभ किये जाने की सराहना की।

इसके अलावा केंद्रीय मंत्री ने संस्थान के पूर्व छात्रों एवं एलुमनाई की सफलता के बारे में बात करते हुए कहा कि किसी भी संस्थान का सम्मान, उसका गौरव उसके छात्रों/एलुमनाई की सफलता और उनके कीर्तिमानों पर भी निर्भर करता है। सुंदर पिचाई, डी सुब्बाराव, अर्जुन मल्होत्रा, हरीश हांडे, मणिलाल भौमिक, किरीट पारिख जैसे तमाम नाम आईआईटी खड़गपुर से जुड़े हुए हैं जिनके माध्यम से इस संस्थान ने विज्ञान, तकनीक, कला, संस्कृति, अर्थव्यवस्था तथा जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अपनी पहचान को स्थापित किया है।

मंत्री ने इसके अलावा नई शिक्षा नीति में उच्च शिक्षा के लिए प्रावधानों के बारे में भी बात की और कहा कि नई शिक्षा नीति के माध्यम से ब्रांडेड शिक्षा के लिए भारत एक बार फिर तैयार है। उन्होनें सभी का आवाहन करते हुए कहा, "इस नीति के सफल कार्यान्वयन हेतु संस्थानों को अपने नेशनल तथा इंटरनेशनल ब्रांड एलुमनाई का एक नेटवर्क तथा टास्क फोर्स बनाना चाहिए। हम सभी को एक प्लेटफार्म देंगे और बदले में आप अपने अनुभव, अपने एक्सपर्टीज, अपने ज्ञान, अपनी विद्या का दान कीजिये।

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