भगवान राम के आदर्शों पर चलकर जीवन बन सकता है सफल::विष्णुप्रिया......

Dainik roorkee October 23, 2020

दैनिक रुड़की (योगराज पाल)::
रुड़की
। रामनगर सनातन धर्म श्री रामलीला समिति की ओर से श्री राम मंदिर में चल रही सात दिवसीय कथा व्यास विष्णुप्रिय शास्त्री ने भगवान राम के जन्म उत्सव का प्रसंग सुनाया।


भगवान राम ने अपने बाल स्वरूप से असुरों के नाश की ओर अग्रसर हो गए थे। भगवान राम ने संपूर्ण जीवन में ऐसे आदर्श प्रस्तुत किए हैं जिन पर अमल कर जीवन को सफल बनाया जा सकता है. मान्यता है कि राम नाम का उच्चारण करने मानसिक शांति प्राप्त होती है. व्यक्ति चिंताओं से मुक्त हो जाता है. भगवान राम ने समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया था. इसीलिए भगवान राम को भारत का आत्मा भी कहा जाता है। भगवान राम भगवान विष्णु के सातवें अवतार हैं।असुरों का नाश करने और धर्म की स्थापना करने के लिए भगवान विष्णु ने अयोध्या में राजा दशरथ के घर में राम के रूप में अवतार लिया था. इस अवसर पर सभा के प्रधान जगदीश लाल मेंदीरत्ता,रत्नाकर शर्मा, धर्मपाल लखानी, सतीश कालरा, गुलशन अनेजा, मनमोहन शर्मा,सुदेश चड्ढा, संजीव अरोड़ा, अमित चिटकारा,हरिओम अनेजा, गिरीश अनेजा, संजय कालरा, रवि भटेजा ,किशन लाल माटा,संजीव मेंदीरत्त, हैप्पी मेंदीरत्ता, पंकज सतीजा, नितेश ग्रोवर, पंडित राजकुमार शर्मा तिलक पिपलानी, हरीश लखानी, आदि उपस्थित रहे।

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