दरगाह खुली रैन बसेरे पर अब भी लटका ताला-खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर जायरीन.......

dainik roorke August 03, 2021

दैनिक रुड़की (इकराम अली)::


पिरान कलियर।
गुरुवार को दरगाह को जायरीनों के लिए खोल दिया गया है लेकिन रेन बसेरे पर अभी भी ताला लटका हुआ है। दरगाह बन्द होने के साथ ही इसे बन्द किया गया था बारिश के बीच रैन बसेरे के बाहर जायरीन राते काटने को मजबूर हो रहे है, इसके चलते जायरीन बारिश में भीगते रहते हैं।लेकिन उनकी बात सुनने वाला कोई नही है,उनकी मांग है कि दरगाह के साथ साथ रेन बसेरे को जायरीनो के खोल देना चाहिए।

कलियर में सिंचाई विभाग की भूमि पर रैन बसेरा बनाया गया है। इस रैन बसेरे में करीब पांच सौ लोगों के रुकने की व्यवस्था है। इसके पास ही शौचालय बने हुए हैं। दरगाह प्रशासन की ओर से इसकी देखरेख के लिए कर्मचारियों को लगाया गया है।कोविड की दूसरी लहर को देखते हुए 1 मई को दरगाह बन्द होने के बाद करीब सैकड़ो जायरीनों को बाहर निकालकर रैन बसेरे पर ताला जड़ दिया गया था।इस दौरान रेन बसेरे में मौजूद लोगों ने कहा था कि वह इस बीच कहां जाएंगे,लेकिन कोई भी सुनने को तैयार नहीं था और उनको बाहर कर ताला जड़ दिया गया।अब जायरीनों के लिए दरगाह को खोल दिया गया है,लेकिन रेन बसेरे पर अभी भी ताला जड़ा हुआ है।बादशाह खान ,हरिओम पांडये, मोहम्मद अली,मोसिना, शमीम, मोहम्मद जागीर, शाहजाद,जयंमनती, सन्नी, मंजू आदि कई जायरीनों की गोद में तो छोटे-छोटे बच्चे है बारिश और उमस भरी गर्म से बचने को कोई पेड़ के नीचे तो कोई पॉलीथिन की शीट लेकर खुद को बचाने की कोशिश कर रहा है। इन लोगों कि मांग है कि जब दरगाह को खोल दिया गया तो रेने बसेरे पर लगा ताला भी खोल दिया जाए। कार्यवाहक दरगाह प्रबंधक शफीक अहमद ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है।कर्मचारियों को निर्देशित कर जल्द ही रेन बसेरे को खोल दिया जाएगा।

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