कालेज की प्रबन्ध समिति के फर्जीवाड़े में कार्रवाई कालेज प्रबन्धक सहित समिति के ग्यारह सदस्य निलंबित......

Dainik roorkee November 21, 2020

दैनिक रूड़की (कृष्णपुरी गोस्वामी)::

धनौरी।
हरिद्वार जिले में एक अशासकीय स्कूल की प्रबंध समिति में फर्जीवाड़े की शिकायत पर शिक्षा सचिव की ओर शिक्षा निदेशक को कार्यवाही के निर्देश दिए गए है।शिक्षा निदेशक ने अपर निदेशक व जनपद हरिद्वार के मुख्य शिक्षाधिकारी को मामले की जांच कर जल्द ही जांच रिपोर्ट सौपने के निर्देश दिए हैं।शिक्षा निदेशक की ओर से कहा गया है कि हरिद्वार जिले के कई लोगो की ओर से धनौरी के अशासकीय नेशनल इंटर कॉलेज की प्रबन्ध समिति में फर्जीवाडे की शिकायत की गई है। शिकायत कर्ताओं ने आरोप लगाया कि 2007 से फर्जी प्रबंध समिति का गठन कर कालेज में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। जिसमे कॉलेज में नियुक्तियों से लेकर जमीन व वित्तीय घोटाला किया गया है।एक ऐसे व्यक्ति को कॉलेज का प्रबंधक बनाया गया है जब वह साधारण सभा का भी सदस्य नही था तथा जब प्रबंधक को समिति की सदस्यता दिलाई गई तब वह नाबालिग था। इस सबके बावजूद सारे नियम ताक पर रखकर उन्हें कॉलेज का प्रबंधक बनाया गया। इसके अलावा कॉलेज की प्रबंधक समिति के 11 सदस्य भी फर्जी तरीके से बनाए गए थे।जिनकी शिकायत धनौरी क्षेत्रवासियों ने हरिद्वार मुख्य शिक्षाधिकारी को की थी। उनके आदेश पर रुड़की जीआईसी कालेज के प्रधानचार्य को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था। उनकी जांच रिपोर्ट में प्रबंध समिति के 11 सदस्य फर्जी पाए गए ।तथा अन्य मामलों में भी बड़े पैमाने पर अनियमितताए पाई गई।शिक्षा सचिव ने क्षेत्र वासियों की शिकायत पर शिक्षा निदेशक आर के कुंवर को मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं शिक्षा निदेशक ने बताया कि शिक्षा अपर निदेशक व जनपद हरिद्वार के मुख्य शिक्षा अधिकारी को उक्त प्रकरण की जांच कर जांच रिपोर्ट जल्द सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।इस बारे में शिकायत करता यशपाल सिंह,राकेश कुमार,विनोद पुरी, मुकेश गिरि,जोधराज सैनी आदि ने बताया कि उन्होंने शिकायती पत्र में कालेज की प्रबंध समिति के चुनाव पर रोक लगाते हुए प्रशासक नियुक्त करने की मांग की है ।उनका कहना है कि शिक्षा विभाग की ओर से जांच कराई गई थी जिसकी जांच रिपोर्ट 1 माह पूर्व आ चुकी है ।इसके बावजूद जनपद हरिद्वार के मुख्य शिक्षा अधिकारी द्वारा उस जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक नही किया जा रहा है। जिसको लेकर शिकायत कर्ताओं में घोर निराशा व्याप्त हो रही है।धनौरी क्षेत्रवासियों ने मुख्य शिक्षाधिकारी द्वारा जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक ना करने को लेकर उन पर सवालिया निशान उठाने शुरू कर दिए हैं।इस बाबत उत्तराखण्ड के शिक्षा निदेशक आरके कुंवर ने बताया कि इस मामले की जांच अपर निदेशक व हरिद्वार जनपद के मुख्य शिक्षा अधिकारी को सौंपी गईं हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।मुख्य शिक्षाधिकारी आनन्द भारद्वाज ने बताया कि नेशनल इंटर कॉलेज की जांच रिपोर्ट में प्रबंधक सहित समिति के 11 सदस्य फर्जी पाए गए हैं। इन सभी कालेज प्रबन्ध समिति के सदस्यों को निलंबित कर दिया गया है। ये अब कॉलेज के किसी भी प्रकार के चुनाव में भाग नही ले सकेंगे।

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